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नीतीश का सात निश्चय ही सभी दलों का एजेंडा, इसी पर लड़ा जाएगा अगला विधानसभा चुनाव

एक वर्ष पहले
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फइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फइल फोटो।
  • 2015 में जदयू, राजद और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की बजाए सात निश्चय को ही अपना एजेंडा घोषित किया
  • 2017 में जदयू - भाजपा मिल गए, भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को किनारे रखा और सात निश्चय ही नई सरकार भी एजेंडा बन गया

विजय कुमार, पटना.  बिहार में सोलहवीं विधानसभा ऐसी है जिसमें पक्ष-विपक्ष एक ही घोषणा पत्र को लागू करने में जुटे हैं। उपलब्धि गिना रहे हैं। सवाल उठा रहे हैं। विधानसभा का चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होगा। चुनाव में पक्ष-विपक्ष जिस मुद्दे के सहारे हमला बोलेंगे, वह है सात निश्चय। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसने बिहार के प्रमुख दलों को एक ही प्लेटफार्म पर खड़ा कर रखा है। सभी दलों का सात निश्चय से सीधा जुड़ाव है।
2015 में जदयू, राजद और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की बजाए सात निश्चय को ही अपना एजेंडा घोषित किया। नतीजा बिहार में महागठबंधन की सरकार बन गई। 2017 में जदयू ने भाजपा के साथ मिल कर सरकार बना ली। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को किनारे रखा और सात निश्चय ही नई सरकार भी एजेंडा बन गया।

नीतीश के सात निश्चय के अवयवों की स्थिति 

  • महिला आरक्षण : नौकरी में 35% आरक्षण दे दिया गया है।
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड : 85448 छात्रों को 2184 करोड़ मिले।
  • स्वयं सहायता योजना : 4,41,510 को नौकरी की तलाश के लिए 497 करोड़ दिए गए।
  • कुशल युवा कार्यक्रम : 950264 को प्रशिक्षण। जबकि 79406 प्रशिक्षणरत हैं।
  • इंजीनियरिंग कॉलेज : हर जिले में 1 कॉलेज। 17 हजार छात्र पढ़ रहे।
  • मेडिकल कॉलेज : 5 नए कॉलेज 14 जीएनएम, 41 एएनएम, 22 पारा मेडिकल व 4 बीएससी नर्सिंग खुले।
  • पॉलिटेक्निक कॉलेज : 44 कॉलेज, 28200 छात्र पढ़ रहे हैं।
  • आईटीआई : राज्य के सभी 101 अनुमंडल में एक-एक आईटीआई खोला जा चुका है।
  • हर घर बिजली : सभी गांव में 2018 में बिजली पहुंचा दी गई।
  • गली-नाली : 74639 वार्ड में काम पूरा। मार्च तक लक्ष्य पूर्ण ।
  • हर घर नल का जल : 81723 में काम जारी। मार्च तक लक्ष्य पूर्ण ।
  • मुफ्त वाई-फाई : 319 कॉलेज और विवि में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जा रही है। इसमें निबंधित यूजर 3,50,000 हैं।

लक्ष्य नहीं कमिटमेंट: वशिष्ठ
जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण कहते हैं कि 7 निश्चय हमारा जनता से कमिटमेंट है। हमने काम किया है।

निश्चय ही भूल गए : तेजस्वी
सरकार निश्चय भूल गई। काम नहीं हो रहा है। जहां काम हो भी रहा है, उनमें घोटाले सामने आने लगे हैं।

हिसाब दो-हिसाब लो
चुनाव 2020 में एनडीए सात निश्चय पर वोटों का इनाम मांगेगा। वहीं विपक्ष इन्हीं की विफलताओं को उजागर करेगा।

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