पोषण पखवारा से दूर होगा बच्चों का कुपोषण
समाहरणालय सभाकक्ष में रविवार को समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत पोषण पखवारा शुरू हुआ। जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय ने इसकी शुरुआत की। पहले दिन सेमिनार का आयोजन किया गया। पोषण मेला का उदेश्य समुदाय जागरुकता के माध्यम से स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता में अपेक्षित सुधार लाना है। इसमें आईसीडीएस द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं की प्रदर्शनी एवं पोषण परामर्श दिया गया। डीएम ने कहा कि जिले में कुपोषित बच्चों के कुपोषण से बाहर निकलने के लिए वर्षभर कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। पखवारे का मकसद इन गतिविधियों को और तीव्र करना है। सरकार का मकसद प्रत्येक वर्ष दो फीसदी की दर से कुपोषण और एनीमिया के बच्चों को स्वस्थ बनाना है।
कार्यक्रम में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
मौके पर डीपीओ आईसीडीएस नीतू सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी चंद्रशेखर राय, सिविल सर्जन, सीडीपीओ सिसवन राहुल शंकर, बड़हरिया केशव कुमार सुमन, दरौंदा प्रीति कुमारी, बसंतपुर उषा रानी मिश्रा, नौतन सरोज पाठक, गुठनी गीतांजलि कुमारी, एसबीपी अमीत कुमार, जिला समन्वयक पंकज कुमार गुप्ता, जिले के सभी सेक्टर,बीसी, बीपीए डाटा इंट्री ऑपरेटर समेत अन्य मौजूद थे।
जागरुकता रैली और प्रभातफेरी भी निकलेगी
8 मार्च को पोषण अभियान की पहली वर्षगांठ थी। 22 मार्च तक पोषण पखवारा चलाया जाना है। इस बार पखवारे का थीम पुरुष सहभागिता है। इस दौरान पोषण संबंधी जन आंदोलन गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पोषण पखवारे के तहत जागरुकता रैली, सुपोषण मेला, पोषण पर समुदाय आधारित बैठक, प्रभातफेरी, स्कूल आधारित जागरुकता कार्यक्रम, किशोरी पोषण जागरुकता अभियान जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी सेविकाएं भी घर-घर जाकर जागरूक करेंगी। इस दौरान खासकर गर्भवती, धातृ, शिशु और किशोरी पोषण पर सामुदायिक जागरुकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जायेगा।
कार्यक्रम में शामिल आईसीडीएस विभाग से जुड़े लोग।