पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पीएमईजीपी के लक्ष्य की 28 फीसदी ही अबतक हुई प्राप्त

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

राज्य के लोगों के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की स्थिति अच्छी नहीं है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज 19 दिन बचे हैं, लेकिन यह योजना अबतक निर्धारित लक्ष्य का 28 फीसदी ही प्राप्त कर सकी है। उद्योग विभाग इस योजना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार बैंकों को निर्देश देता रहा है।

4943 लक्ष्य की तुलना में 1640 आवेदन ही हुए स्वीकृत : पीएमईजीपी के तहत राज्य में 4943 आवेदनाें को स्वीकृति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 29 फरवरी, 2020 तक 18684 आवेदन पत्र जिला टास्क फोर्स से अनुमति मिलने के बाद जिला उद्योग केंद्राें ने बैंकों को भेजा जा चुका है। इनमें से महज 1640 आवेदकों को बैंक ने ऋण देने का निर्णय लिया है। इसमें 53 करोड़ लाख रुपए मार्जिन मनी स्वीकृत किए गए। 1393 इकाइयाें को 42.63 करोड़ रुपए मार्जिन मनी का भुगतान किया जा चुका है।

वित्तीय वर्ष समाप्त होने में हैं 19 दिन शेष

50% से कम आवेदन स्वीकृत करने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश

उद्योग विभाग इस योजना के लिए लगातार समीक्षात्मक बैठक करता रहा है। खुद उद्योग मंत्री श्याम रजक ने भी बैंकों के नकारात्मक रवैए को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिन बैंकों की प्रगति शून्य है या 50 फीसदी से कम है, उन पर कार्रवाई करने को निर्देश दिया। मंत्री ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधकों को बिना कारण बताए आवेदन वापस करने वाले बैंकों पर करवाई के लिए कहा है।
खबरें और भी हैं...