विधानसभा चुनाव में एनडीए को हराने के लिए विपक्ष उतारे संयुक्त प्रत्याशी
माकपा ने नियोजित शिक्षकों को समान काम का समान वेतन देकर सरकार से हड़ताल समाप्त कराने की मांग की है। माकपा ने शिक्षकों के आंदोलन पर पूर्ण समर्थन किया। लोगों की समस्या पर पार्टी सड़क पर उतरेगी। माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य एस रामचंद्र पिल्लई, हन्नान मोल्ला व राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि 23 मार्च को सरदार भगत सिंह की शहादत दिवस पर सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन होगा। विधानसभा चुनाव में एनडीए को हराने वामदलों और महागठबंधन के दलों को संयुक्त प्रत्याशी उतारना चाहिए। इसके पहले दो दिनों का राज्य कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई।
माकपा नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में वामदल और समान विचारधारा वाल पार्टियों के साथ तालमेल कर एनडीए के खिलाफ विपक्ष को संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहिए। हालांकि महागठबंधन के साथ वामदलों के तालमेल पर अभी तक कोई सकारात्मक बातचीत नहीं हो सकी है। माकपा नेताओं ने कहा कि सीएए, एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ पूरे देश में बढ़ते आंदोलन से बौखला कर भाजपा सांप्रदायिक विभाजन के एजेंडे पर काम कर रही है। राज्य की एनडीए सरकार भी केंद्र के नक्शे कदम चल रही है। राज्य सरकार द्वारा एनपीआर पर दी गई सफाई लोगों को भ्रमित करने वाला है। रुपये की कमी बता शिक्षकों को उचित वेतन नहीं दिया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर सरप्लस बजट का ढोल पीटा जाता है। लोगों की समस्या पर पार्टी सड़क पर आंदोलन शुरू करेगा। महंगाई और बेरोजगारी से लोग परेशान हैं। बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा है। गंभीर आर्थिक संकट के बाद भी केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट घरानों को 145000 करोड़ रुपए टैक्स छूट दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और मनरेगा जैसे कार्यक्रमों में राशि की कटौती की जा रही है। मौके पर राज्य सचिव मंडल के सदस्य अरुण कुमार मिश्रा भी मौजूद थे।
समान वेतन देकर हड़ताल समाप्त कराए सरकार
चर्चा करते माकपा नेता अरुण मिश्रा, हन्नान मोल्ला व अवधेश कुमार।