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प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में बाल संसद गठित कर रिपोर्ट जमा करने का आदेश

3 वर्ष पहले
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जिले के सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में बाल संसद को नए सिरे से गठित करने का आदेश दिया गया है। सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ समर बहादुर सिंह ने इस संदर्भ में सभी बीईओ को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिया है। इसमें कहा है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बच्चों की निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा संशोधित नियमावली 2013 के तहत गठित विद्यालय शिक्षा समिति में बाल संसद के सदस्यों को प्रतिनिधि के रूप में नामित करने का प्रावधान है।

सभी बीईओ को बाल संसद गठन की रिपोर्ट देने का दिया गया है निर्देश
बाल संसद विद्यालय के बच्चों का एक मंच है। जहां वे अपने विद्यालय, समाज, परिवार में स्वास्थ्य, शिक्षा व अपने अधिकार की बात खुलकर करते है। स्कूलों में बाल संसद गठन करने का उद्देश्य बच्चों को लोकतांत्रिक मूल्यों व प्रक्रियाओं से अवगत कराना है। इस संदर्भ में बाल संसद का पुनर्गठन करने का निर्देश पहले ही दिया गया है। लेकिन खेद के साथ कहना है कि अभी तक किसी भी प्रखंड से रिपोर्ट नहीं आई है। सभी बीईओ को बाल संसद गठन की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इसमें प्रखंड स्कूलों की संख्या, गठित स्कूलों में बच्चों की संख्या, कितने स्कूलों में गठन नहीं हुआ। गठन नहीं होने का कारण आदि की जानकारी मांगी गई है। इस संदर्भ में सिसवन के बीईओ गुलाम सरवर ने सभी सीआरसीसी व हेडमास्टरों को दो दिनों के अंदर बाल संसद गठन की रिपोर्ट मांगी है।

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