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हमारी सनातन परंपरा रही है नारी शक्ति की पूजा

एक वर्ष पहले
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एनडीआरएफ द्वारा रविवार काे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। आपदा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सदैव तत्पर व तैयार रहने वाले 9 बटालियन एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने इस विशेष दिवस पर अपने परिवार की महिलाओं को जीवनरक्षक तकनीक अाैर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का सराहनीय प्रयास किया।

एनडीआरएफ कैंपस बिहटा अाैर दानापुर में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ क्वार्टर में आयोजित कार्यक्रम में एनडीआरएफ मेडिकल टीम द्वारा महिलाओं व बच्चों को कोरोना वायरस से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही कैंप लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आखिर में एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने जीवनरक्षक तकनीक जैसे-रक्तस्राव नियंत्रण, हृदयाघात होने पर सीपीआर तकनीक, चोकिंग से निपटना, घरों में रखे जाने वाली आपदा प्रबंधन किट, अग्नि सुरक्षा आदि के बारे में जानकारी लेक्चर अाैर डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दी अाैर इसका अभ्यास भी करवाया।

कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि एक जागृत महिला न केवल अपने जीवन को विकसित करती है, बल्कि अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण और संस्कारित करती है। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए आवश्यक है कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी जागरूक किया जाए।

उच्च शिक्षा ही दिलाएगी बाल विवाह से मुक्ति

मसौढ़ी | राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष प्रो उषा विद्यार्थी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एवं पोषण पखवारा दिवस के मौके पर लोक माध्यम एवं सेंटर फॉर कैटेलाईजिंग चेंज के सहयोग से नदौल में अभिभावकों एवं किशोरियों के बीच आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा कि किशोरियां उच्च शिक्षा हासिल कर ही बाल विवाह से राज्य को मुक्ति दिला सकती है और मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में कमी ला सकती है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस वर्ष की थीम ‘एक समान दुनिया’ ‘एक सक्षम दुनिया’ के निर्माण में वर्तमान समय की चुनौतियों पर चर्चा की गई। साथ ही बालिकाओं के सपने एवं उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु अभिभावकों संग विचार विमर्श किया गया। मौके पर किशोरियों और उनके अभिभावकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ग्राम पंचायत सदस्य शकुंतला देवी ने किया।

महिला दिवस पर एनडीआरएफ ने कैंप लगाकर महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की।

महिलाओं को दें उचित सम्मान

बिहटा में आरटीई फोरम की ओर से आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम में शामिल लोग।

एनडीआरएफ ने दिए महिलाअों काे अापदा से बचाव के टिप्स

सिटी रिपोर्टर|बाढ़/बिहटा

बाढ़ में विश्व महिला दिवस पर इंदिरा प्रियदर्शनी किसान युवा क्लब द्वारा बाढ़ के अलखनाथ मार्ग में संचालित ब्राइट माइंड प्री स्कूल में भारतीय संस्कृति में नारी की महता विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता शिक्षाविद उमेश प्रसाद शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति की पूजा हमारी सनातन परंपरा रही है। देवी के रूप में वह आराध्या रही है। विशिष्ट अतिथि युवा दंत चिकित्सक वरुण शर्मा ने कहा कि नारी का संघर्ष और साहस बेमिसाल है। वास्तव में नारी भारतीय संस्कृति की मूलाधार रही है। स्वागत स्कूल के निदेशक राजीव रौशन ने किया। संयोजन क्लब के सचिव हेमंत कुमार ने किया। अध्यक्षता समाज सेविका पुष्पा विद्यार्थी ने की। संचालन क्लब के कप्तान आलोक शांडिल्य ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन बाल कवि पीयूष राजा ने किया।

महिलाओं पर अत्याचार रोकने का संकल्प: बिहटा में आरटीई फोरम की ओर से मलाला परियोजना के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बदलते परिवेश में महिलाओं की भूमिका पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं पर घरेलू हिंसा व अत्याचार रोकने का संकल्प लिया गया। आंगनबाड़ी केंद्र पैनाल में आयोजित सेमिनार का उद्घाटन पंचायत समिति सदस्य रश्मि कुमारी अाैर समाजसेवी राम कुमार मिश्र ने किया। आरटीई फोरम के कार्यकर्ता दिनेश ने कहा कि शिक्षा को राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है। समाजसेवी राम कुमार मिश्र ने कहा कि महिलाएं आज अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही हैं। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष श्याम प्रभा कुमारी ने महिलाओं के अधिकार की विस्तृत जानकारी दी और बेटी को पढ़ाने और बेटी-बहू में कोई अंतर न रखने की अपील की। मंच संचालन शत्रुघ्न पंडित किया।

मसौढ़ी| अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को रहमतगंज में आयोजित एक शाम महिलाओं के नाम समारोह में मसौढ़ी की पूर्व वार्ड पार्षद खुशबु रानी को सामाजिक सरोकार के लिए बेस्ट वुमेन अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि खुशबु रानी ने कहा कि हमें महिलाओं को सम्मान व किशोरियों को उच्च शिक्षा देने का संकल्प लेना होगा तभी यह दिवस सफल हो पाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं सोशल मीडिया के इस ज़माने में भी गैर बराबरी और हिंसा की शिकार हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाले लोगों को जागरूक किए बिना महिलाओं का विकास संभव नहीं है। इस अवसर पर होली मिलन सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं में नृत्य गीत की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। मौके पर नारी जनशक्ति संघ की अध्यक्ष आशा किरण सिन्हा, रिंकी महाजन, मुकुल कुमार शर्मा, छोटू एराकी, मो. नफीस आलम, प्रिंस कुमार सोनी, सोमी कुमारी समेत अन्य मौजूद थे।
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