हनी ट्रैप / सेना के जवानों को फंसा कर जासूसी करने पर मजबूर कर देती थी पाकिस्तानी हसीना



जवानों को फंसाने वाली युवती की यह असली तस्वीर है। जवानों को फंसाने वाली युवती की यह असली तस्वीर है।
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जवानों को फंसाने वाली युवती की यह असली तस्वीर है।जवानों को फंसाने वाली युवती की यह असली तस्वीर है।

  • जवानों को शिकार बनाने वाली पाकिस्तानी युवती को मिलिट्री इंटेलिजेंस ने किया बेनकाब
  • पाक नागरिक होने और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने की पुख्ता जानकारी

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 05:44 AM IST

पटना (कन्हैया सिंह). मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सेना के जवानों को हनी ट्रैप का शिकार बनाने वाली युवती के चेहरे से पर्दा हटा उसे बेनकाब कर दिया है। यह खूबसूरत हसीना अपने हुस्न के जाल में सेना के जवानों को फंसा कर जासूसी करने पर मजबूर कर देती थी।

 

फिलहाल इस युवती का नाम तो नहीं पता चल सका है, लेकिन उसके पाकिस्तानी नागरिक होने और पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने की पुख्ता जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों को मिली है। यह भी पता चला है कि वह कराची में रहती है और कई बार भारतीय सीमा में आ चुकी है।

 

युवती सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि आईएसआई की एक एजेंट है और काफी दिनों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रही है। मिलिट्री इंटेलिजेंस ने उसके द्वारा बनाए गए 15 फर्जी फेसबुक अकाउंट को भी खोज निकाला है, जिनके सहरा वह सेना के जवानों पर डोरे डालती थी। और उन्हें अपनी खूबसूरती का दीवाना बना कर सेना से संबंधित खुफिया जानकारियां हासिल करती थी। जानकारी के एवज में जवानों को पैसे भी दिए जाते थे। हनी ट्रैप के शिकार हुए आधा दर्जन से ज्यादा जवानों को अलग-अलग एजेंसियां हाल के दिनों में पकड़ चुकी हैं।

 

गिरफ्तार आईएसआई हैंडलर के संपर्क में थी

अक्टूबर 2018 में आईएसआई के हैंडलर आसिफ अली को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल तिहाड़ जेल में है। उसके पास भारतीय सेना से जुड़े कई दस्तावेज, पाकिस्तानी पासपोर्ट, पाकिस्तान का एक सिम कार्ड आदि बरामद हुए थे। इस युवती का आसिफ से संपर्क होने का भी पता चला है।

 

वर्दी में फोटो देख करती थी टारगेट

यह युवती फेसबुक पर वर्दी में फोटो डालने और प्रोफाइल में सेना में होने की जानकारी देने वाले जवानों को टारगेट करती थी। झांसे में आए जवानों का नंबर लेकर बात करना शुरू करती थी। फिर सेना से संबंधित जानकारी मांगती थी। कॉल भारतीय नंबर वाले वाट्सएप और इंटरनेट से किए जाते थे। 

 

सेना ने जारी किया दिशा निर्देश
सेना द्वारा जवानों व अधिकारियों को किसी भी सोशल साइट पर सेना की वर्दी वाली फोटो डालने की सख्त मनाही की गई है। सोशल मीडिया में खुद को सेना का अंग होने की जानकारी देने से भी मना किया गया है। अजनबी से दोस्ती करने और फोन पर बात करने से भी सैन्यकर्मियों को मना किया गया है।

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