पंचायत भवनों में लटके हैं ताले, गोल्डन कार्ड बनाने के लिए दौड़ लगा रहे ग्रामीण
बसंतपुर प्रखंड क्षेत्र के बसाव पंचायत भवन बीते छह माह से बंद पड़ा है। पंचायत भवन में ताला लटकने से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभुकों के बनने वाले हेल्थ कार्ड बनवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दे कि बीते छह माह पूर्व पंचायत भवन पर पदस्थापित कार्यपालक सहायक से स्थानीय ग्रामीणों से हुई मारपीट के बाद से ताला लटका हुआ है। इससे स्थानीय लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि स्थानीय प्रशासन बंद पड़े पंचायत भवन के आरटीपीएस काउंटर को चालू करें ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सके। इस संबंध में बीडीओ मोहम्मद आसिफ ने बताया कि कार्यपालक सहायक के साथ मारपीट की घटना के तत्कालीन कार्यपालक सहायक का तबादला कर दिया है। उसके स्थान पर दूसरे कार्यपालक सहायक को नियुक्त किया गया है, शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा।
योजना को लेकर जागरुक करने में जुटी हैं आशा
ग्रामीणों से मारपीट के बाद बसांव पंचायत भवन में लटका है ताला
सिटी रिपोर्टर| भगवानपुर हाट
प्रखंड क्षेत्र में बड़े ही जोर-शोर से आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के गोल्डेन हेल्थ कार्ड बनाने का कार्यक्रम चलाने का दावा किया जा रहा है। इसकाे लेकर पंचायत कार्यपालक सहायकों को लगाया गया है। लेकिन, पंचायत भवन से संचालित आरटीपीएस काउंटर बंद होने से गोल्डेन हेल्थ कार्ड बनाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। बता दंे कि शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र की तीन पंचायत भवनों पर हेल्थ कार्ड बनाने के दावे की पड़ताल की गयी तो सोंधानी, ब्रह्मस्थान व भीखमपुर पंचायत भवन बंद पाए गए। ज्ञात हो कि बीते दो माह से आशा कार्यकर्ता घर-घर जा कर लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डेन हेल्थ कार्ड बनाने के लिए लोगों को जागरूक कर पंचायत भवन पर स्थित आरटीपीएस काउंटर पर भेजने का कार्य कर रही है। लेकिन पंचायत भवन पर आरटीपीएस काउंटर को कार्यपालक सहायकों के द्वारा संचालित नहीं किए जाने से पात्र लाभुकों को गोल्डेन हेल्थ कार्ड बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कार्यपालक सहायकों को बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध कराया गया है। इससे पात्र लाभुकों को निःशुल्क हेल्थ कार्ड बन सके। वही पंचायत भवन बंद होने के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते कई दिनों से आरटीपीएस काउंटर बंद पड़ा है। इसके कारण लोगों को जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आवास प्रमाणपत्र आदि को बनवाने के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।सरकार ने ग्रामीण स्तर पर लोगों की सुविधा को ध्यान देते हुए पंचायत भवन पर आरटीपीएस काउंटर खोला लेकिन यह कागजों तक सिमटी लग रही है। पंचायत भवन बंद होने के संबंध में बीडीओ डॉ. अभय कुमार से बात करने पर बताया कि कार्यपालकल सहायकों की बैठक बुलाई गई है।