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पटना / मछलियों की बिक्री और भंडारण पर 15 दिनों के लिए रोक, उल्लंघन करने पर सात साल जेल और 10 लाख जुर्माना

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 08:13 PM IST


patna news sale of fishes from andhra pradesh and bengal banned for 15 days
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patna news sale of fishes from andhra pradesh and bengal banned for 15 days

  • मछलियों में फोर्मलिन और अन्य हेवी मेटल्स मिले
  • आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सरकार को इस संबंध में सूचना दे दी जाएगी

पटना. पटना नगर निगम क्षेत्र में लोकल और बाहरी दोनों तरह की मछलियों की बिक्री, भंडारण और लाने-लेजाने पर सोमवार से 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। खाने वाले मछलियों में मानक से अधिक फॉर्मलीन, कैडमियम, लेड और मरकरी की मात्रा अधिक पाये जाये के कारण यह रोक लगाई गई है। पटना नगर निगम यानी दानापुर, फुलवारीशरीफ, परसा और फतुहा यानी आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर सिर्फ पटना शहर (नगर निगम क्षेत्र) में कोई भी व्यक्ति या व्यापारी मछलियों की बिक्री, भंडारण और परिवहन करते पकड़ा गया तो उसे सात साल की जेल और 10 लाख जुर्माना की सजा मिलेगी।

 

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि पटना शहर के जिन 4 मछली बाजारों ( बाजार समिति राजेन्द्र नगर, गुलजारबाग, राजा बाजार और बोरिंग रोड ) की मछलियों का सैंपल सर्वे कर लैब में जांच करायी गई, उनमें सात सेम्पल सर्वे में फॉमलीन, लेड, कैडमियम और मरकरी मानक मात्रा से अधिक पाया गयी है।

 

15 दिनों बाद फिर होगी समीक्षा
संजय कुमार ने कहा कि पटना नगर निगम क्षेत्र से ही सिर्फ मछली का सैंपल लिया गया था जिसमें लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले हानिकारक तत्व पाये गये। इसलिए अभी पटना में ही मछली पर रोक लगाई गई है। 15 दिनों के बाद फिर समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने अब पूरे बिहार से सैंपल लेने का निर्णय किया गया है। अधिकारियों को अब गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया शहर में बेची जा रही मछलियों की जांच करने की जिम्मेवारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग ने आंध प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मछलियों को कोलकाता की लैब में जांच करायी थी। जांच में मछलियों में हानिकारक फॉर्मेलिन पाया गया।

 

लीगल सैंपल जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई संभव
संजय कुमार ने कहा कि सिर्फ सैंपल सर्वे से ही नहीं लीगल सैंपल की रिपोर्ट के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। लीगल सैंपल के तहत जिस मछली का सैंपल लिया जाएगा उसे चार भाग में काटकर एक भाग संबंधित व्यापारी के जिम्मे ही सौंप दिया जाएगा। लेकिन पटना शहर वाले मामले में इसलिए बिना लीगल सैंपल के रोक लगाई गई क्योंकि सरकार अपने लोगों के प्रति संवेदनशील है।

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