बिहार / पटना 5 दिनों से दिल्ली से अधिक प्रदूषित



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत व थकान जैसी हो रही परेशानी
 

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 05:03 AM IST

पटना. पटना पिछले पांच दिनों से दिल्ली से अधिक प्रदूषित है। इससे लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, थकान जैसी शारीरिक परेशानी हो रही है। पटना में 14 दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 से अधिक रह रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 333 स्तर तक पहुंच गया था। शनिवार को यह गिरकर 294 तक आ गया। इसके बावजूद प्रदूषण की वजह से लोगों को आंखों में जलन हो रही है। दिल्ली में शुक्रवार को एक्यूआई स्तर 326 और शनिवार को 271 रहा। सीड की सीनियर प्रोग्राम अफसर अंकिता ज्योति ने बताया कि एक्यूआई स्तर बढ़ने से बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाअाें पर वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है।  


दिल्ली में वाहनों की संख्या एक करोड़ 10 लाख है। इनमें 76 लाख टू व्हीलर हैं। कार व जीप की संख्या करीब 33 लाख है। इस तरह से एक लाख से अधिक ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पटना में लगभग नौ लाख दोपहिया वाहनों का परिचालन सड़कों पर हो रहा है। 70 हजार ऑटो और 30 हजार के आसपास बस, टाटा 407, मैजिक सहित दूसरे वाहनों का परिचालन हाे रहा है। कार, जीप जैसे चार लाख वाहन पटना की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। 


पटना सहित बिहार के दूसरे जिलों में प्रदूषण की वजह दिल्ली से आने वाली हवा को माना जा रहा है। इसके साथ ही अधिक बारिश भी प्रदूषण का कारण बताया जा रहा है। एएन कॉलेज के पर्यावरण व जल प्रबंधक विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर नुपूर बोस ने बताया कि हवा की रफ्तार के साथ प्रदूषित वायु फैलती है और ऊपर की तरफ उठती है।

 

लेकिन दिल्ली से आने वाली पूर्वी हवा की वजह से पटना सहित बिहार के दूसरे जिलों में प्रदूषण का फैलाव हो रहा है। इसके साथ ही जमीन में काफी नमी है। ऐसे में प्रदूषण के कणाें को जमीन भी सोखने में सक्षम नहीं है। इससे आसमान में चारों तरफ प्रदूषित हवा चल रही है। इसके साथ ही वाहनों की वजह से पटना में अधिक प्रदूषण है। शनिवार को सुबह लोगों का सड़कों पर आवागमन कम था। इससे वायुमंडल साफ दिखाई दे रहा था। शाम होते ही फिर से प्रदूषित हो गया। प्रदूषण से बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि वाहनों की संख्या पर कंट्रोल करने के साथ ही हरियाली पर विशेष ध्यान दे जिससे बारिश, ठंड, गर्मी सभी मौसम सामान्य हो जाएंगे। 

 

घर से बाहर निकल रहे हैं तो मास्क पहन लें

घर से बाहर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर यदि निकल रहे हैं तो मास्क पहन लें। इससे प्रदूषण से खुद का बचाव कर सकते हैं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एके घोष ने लोगों से प्रदूषण से बचने की सलाह दी है। डॉ. घोष ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण को लेकर माहौल को पैनिक न करें। शहर के दूसरे हिस्से में मास्क लगाने की भी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में पॉल्यूशन लेवल एक जैसा नहीं है। इसके बावजूद बुजुर्गाें अाैर हार्ट व लंग्स के मरीजों को मॉर्निंग वॉक से परहेज करना चाहिए।  राजधानी में एक्यूआई स्तर कम करने के लिए शहर की प्रमुख सड़कों पर सुबह, दोपहर और शाम में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। नगर निगम के छह अंचलों को पानी छिड़काव की जिम्मेदारी दी गई है। पानी छिड़काव से होने वाले फायदे की मॉनिटरिंग प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कर रहा है।

 

डाॅक्टर से सलाह लें
प्रदूषण की वजह से लोगों की आंखों में जलन हो रही है। आंखों में एलर्जी की परेशानी सामान्य तौर पर मई-जून में होती है लेकिन नवंबर में इसके मरीजों की संख्या बढ़ना चिंताजनक है। डाॅ. दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि अगर आखों में धूलकण पड़ जाए और उसे रगड़ दिए हैं तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से दिखाएं। आंखों में एलर्जी की समस्या बारिश और गर्मी के मौसम में अधिक होता है, लेकिन ठंड के मौसम होने का मुख्य कारक वायु प्रदूषण है। आंखों में होने वाली परेशानी को देखते हुए दिन कई बार ठंडे पानी से आंखों को धोएं। आंखों में जलन महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें।   
 

 

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