पटना साहिब लोकसभा / हॉट सीट पर इस बार एक्टर और बैरिस्टर के बीच मुकाबला

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 07:22 PM IST



शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद। शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद।
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शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद।शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद।

  • 2009 में अस्तित्व में आया पटना साहिब सीट, दो बार हुए चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा जीते
  • इस सीट से पहली बार चुनाव लड़ रहे रविशंकर प्रसाद और शत्रुघ्न के बीच सीधा मुकाबला

पटना. पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद यह तीसरा चुनाव है। 2009 में पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया, तब से इस सीट का हर चुनाव अभिनेताओं के इर्द-गिर्द ही घूमा। बीते दोनों चुनावों में अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा का मुकाबला भी अभिनेताओं से ही रहा। 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े शत्रुघ्न सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस के बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन से था। शेखर सुमन तीसरे स्थान पर रहे। 

 

2014 में कांग्रेस ने बदली परिस्थितियों में राजद के साथ संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर भोजपुरी अभिनेता कुणाल सिंह को टिकट दिया, लेकिन जीते भाजपा के शत्रुघ्न सिन्हा ही। कुणाल सिंह से 2.65 लाख अधिक वोट शत्रुघ्न सिन्हा को मिले। लेकिन 2019 के चुनाव में बहुत कुछ बदल गया है। पूरे देश में कई सीटों पर इस बार अभिनेताओं को चुनावी मैदान में लाने वाली भाजपा ने पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट काट दिया। भाजपा के नए उम्मीदवार बैरिस्टर से नेता बने, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बन गए। दूसरी ओर पटना साहिब लोकेशन पर कांग्रेस का अभिनेता प्रेम जारी है। शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब में कांग्रेस के नए उम्मीदवार बन गए हैं। ऐसे में 2009 और 2014 जो लड़ाई एक्टर वर्सेस एक्टर के बीच होती रही है, 2019 में यह लड़ाई एक्टर वर्सेस बैरिस्टर बन गई है। 

 

रविशंकर की दलील
पटना साहिब से उम्मीदवार बनने के बाद रविशंकर प्रसाद ने पटना से अपना जुड़ाव दिखाने का पूरा प्रयास किया है। रविशंकर की पढ़ाई पटना से हुई है। पत्नी डॉ. माया शंकर पटना विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग की शिक्षिका हैं। पटना कॉलेज, पटना लॉ कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय में छात्र जीवन बिताने के साथ पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ में महासचिव रहे रविशंकर प्रसाद, पटना साहिब से लोकसभा चुनाव की अपनी कैंपेनिंग में खुद को 'पटना का रवि' के रूप में दिखाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद रविशंकर प्रसाद 'देश मोदी के साथ' थीम पर भी अपना प्रचार कर रहे हैं।

 

शत्रुघ्न के डायलॉग
पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से जीत की हैट्रिक लगाने के प्रयास में जुटे शत्रुघ्न ने चुनाव पूर्व किए अपने एक वादे पर कायम हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिचुएशन चाहे जो भी हो, लोकेशन नहीं बदलेगा। अब जब बदले सिचुएशन में पुराने लोकेशन पर प्रचार में शत्रुघ्न सिन्हा निकल रहे हैं तो उनके सीधे निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह होते हैं। 'पटना के रवि' पर 'खामोश' शत्रुघ्न सिन्हा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर अधिक हमलावर हैं। दोनों के खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा का एक ही बयान है-वन मैन शो, टू मेन आर्मी के खिलाफ जनता। जबकि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर हमला करने के लिए शत्रुघ्न सिन्हा का स्टेटमेंट है-देश में एक ही लहर, जुमलेबाजों की सरकार पर कहर।

 

दोनों ने राज्यसभा से शुरू हुई संसदीय पारी
पटना साहिब लोकसभा चुनाव के दोनों मुख्य उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच एक समानता यह है कि दोनों ने लोकसभा चुनाव में जाने से पहले राज्यसभा में लंबा वक्त बिताया है। दोनों ने अपना पहला लोकसभा चुनाव पटना साहिब से ही लड़ा। शत्रुघ्न सिन्हा 1996 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे, 2008 तक बने रहे। इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में दो साल तक मंत्री भी रहे। 2009 में पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से चुनाव लड़े। इसी तरह रविशंकर प्रसाद 2000 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे। शत्रुघ्न सिन्हा के साथ ही रविशंकर प्रसाद को वाजपेयी मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसके बाद 2006 में दूसरी बार और 2012 तीसरी बार राज्यसभा में रविशंकर प्रसाद पहुंचे। अब 2019 में रविशंकर प्रसाद अपना पहला लोकसभा चुनाव पटना साहिब से लड़ रहे हैं।

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