विज्ञापन

हर्बल रंगों से खेलें होली, केमिकल वाला रंग त्वचा के लिए हानिकारक

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 04:41 AM IST

Patna News - होली रंगों का पर्व है। रंग खेलना चाहिए लेकिन हर्बल रंगों से। रसायनयुक्त या सिंथेटिक रंग त्वचा के लिए नुकसानदेह...

Patna News - play with herbal colors holly chemical color harmful to skin
  • comment
होली रंगों का पर्व है। रंग खेलना चाहिए लेकिन हर्बल रंगों से। रसायनयुक्त या सिंथेटिक रंग त्वचा के लिए नुकसानदेह होता है। खासकर सिल्वर कलर में अल्युमिनियम सल्फेट रहता है। इससे त्वचा का कैंसर भी होने की संभावना रहती है। यह कहना है पीएमसीएच के वरीय चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार झा का।

उन्होंने कहा कि घर में भी नेचुरल कलर तैयार किया जा सकता है। गुलाब, बीट या फिर हल्दी से बने रंग त्वचा के लिए फायदेमंद साबित होता है। बेहतर है कि घर में नेचुरल कलर तैयार करें और होली खेलें। इससे त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचता। केमिकल युक्त रंग यदि आंख और मुंह में चला जाए तो कई तरह की परेशानी हो सकती है। कोशिश होनी चाहिए कि आंख और मुंह के अंदर रंग न जाए। मुंह के अंदर रंग जाने पर पेट में भी वह चला जाता है। आंख में रंग यदि चला जाए तो उसे रगड़ें नहीं। जलन होने पर आंखों को साफ पानी से धोएं। यदि जलन बरकरार रहे तो चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए। बच्चे यदि रंग खेल रहे हो तो उन्हें अपनी मौजूदगी खेलने रंग खेलने दें। इस पर ध्यान रहे कि पिचकारी का रंग सीधे आंख में नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि होली में अधिकांश बाजार में बिकने वाला रंग केमिकल युक्त होता है। वैसे बाजार में हर्बल रंग भी उपलब्ध है।

वहीं वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह का कहना है कि कुछ रंगों में शीशे का भी प्रयोग किया जाता है। यदि शीशा का टुकड़ा आंख के अंदर चला जाए तो रगड़ें नहीं क्योंकि इससे आंख में मेकानिकल इंज्युरी होने की आशंका रहती है। कॉर्नियल एब्रेजन भी हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि बच्चों को नुकीला पिचकारी नहीं दें। इससे आंख के अंदर में चोट लग सकती है। आंख में चोट लग जाए तो नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें। रंग या गुलाल स्ट्रेलाइज्ड नहीं होता है। इससे आंखों में इन्फेक्शन लगने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में आंखों को ठीक से साफ पानी से धोना चाहिए। नेत्र चिकित्सक की सलाह पर एंटीबायोटिक या लुब्रीकेटिंग आई ड्राॅप का इस्तेमाल करना चाहिए। आंखों में सूजन और एलर्जी भी हो सकती है। आंखों का जलन कम नहीं हो तो नेत्र चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। खुद से आंखों इलाज नहीं करना चाहिए। बच्चों को अभिभावक अपने गाइडेंस में ही रंग खेलने दें। डॉ. सुनील ने कहा कि आर्गनिक या फिर हर्बल रंग होली खेलने के लिए सबसे बेहतर हैं और यह रंग उपलब्ध है।

नारियल का तेल लगा लें

वरीय चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. अमरकांत झा अमर का कहना है कि रंग खेलने के लिए घर से बाहर निकले तो चेहरे या पूरे शरीर में नारियल तेल लगा लें। इससे चेहरे पर रंग लगेगा तो पकड़ेगा नहीं और धोने पर जल्द छूट जाएगा। रंग लगने पर चेहरे को रगड़े नहीं।

X
Patna News - play with herbal colors holly chemical color harmful to skin
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन