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विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा PMCH, 1750 से बढ़कर 5000 हो जाएंगे बेड

मुख्यमंत्री ने देखा प्रजेंटेशन : हेलीकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड की भी होगी सुविधा

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:29 AM IST

पटना. देश ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल होगा पीएमसीएच। इसमें 5000 बेड होंगे। अभी विश्व में सबसे अधिक बेड वाला अस्पताल जोहांसबर्ग का क्रिस हैनी बरागवनाथ हॉस्पिटल है। इस अस्पताल में बेड की संख्या 3400 है। जबकि, देश में सबसे अधिक 2800 बेड का अस्पताल अहमदाबाद का सिविल हॉस्पिटल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को 1 अणे मार्ग में पीएमसीएच को अत्याधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित करने का प्रेजेंटेशन देखा। मुख्यमंत्री ने इसमें कुछ संशोधन की सलाह दी है जिसे दस से पंद्रह दिन में दिन में ठीक कर लिया जाएगा। इसके निर्माण पर अनुमानित 1200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां हेलीकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड की भी व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि पहले चरण का निर्माण कार्य इसी साल शुरू होगा।

नौ से 10 साल में पूरी होगी योजना
पीएमसीएच की क्षमता फिलहाल 1,750 बेड की है। पहले फेज में इसकी क्षमता 2,100 बेड की होगी। दूसरे फेज में 1,600 अतिरिक्त बेड जोड़े जाएंगे। वहीं तीसरे फेज में 1,300 और बेड की व्यवस्था हो जाएगी। पीएमसीएच ग्रीन बिल्डिंग और 4 स्टार रेटेड कॉम्प्लेक्स होगा। इसके निर्माण में बेस आइसोलेशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा।

सीएम ने प्रस्तावित मॉडल में सुझाए कई संशोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जो प्रस्तुतीकरण दिया है, उसमें कुछ सुधार करने की जरूरत है। पीएमसीएच में आवासीय परिक्षेत्र एक जगह पर ही बनाने की जरूरत है, जिसमें पारा मेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टर आदि के रहने की व्यवस्था हो। हॉस्पिटल और आवासीय क्षेत्र के अलग-अलग होने से मरीजों को असुविधा नहीं होगी। आवासीय परिक्षेत्र के लिए साउंड प्रूफ तकनीक का प्रयोग हो। पीएमसीएच की बिल्डिंग भूकंपरोधी और फायर प्रूफ बननी चाहिए।

सीएम बोले- राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल होंगे ऑटोनोमस

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आईजीआईएमएस की तरह राज्य के बाकी मेडिकल काॅलेज अस्पताल को भी ऑटोनोमस बनाना चाहते हैं, लेकिन जनता की अपेक्षा के अनुरूप काम होना चाहिए। इसके लिए जो भी संसाधन की आवश्यकता होगी, सरकार देने को तैयार है। ऑटोनोमस होने से बेहतर इलाज के साथ रिसर्च आदि भी संभव हो सकेगा। वे गुरुवार को 138 करोड़ की लागत से बनने वाले स्टेट कैंसर सेंटर, सोलर पावर सिस्टम के शिलान्यास और प्रशासनिक भवन के उद्‌घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने कहा- 2005 में आईजीआईएमएस बंद होने के कगार पर पहुंच गया था। उदासी छाई हुई थी, पर आज मरीज इलाज के लिए यहां आना पसंद करते हैं। कैंसर के इलाज के लिए आज भी लोग मुंबई जाते हैं। दिल्ली एम्स में भी 40 से 50 फीसदी मरीज बिहार के होते हैं। इलाज की ऐसी व्यवस्था हो कि मजबूरी में भी किसी को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। संस्थान में 500 बेड और 1200 बेड का अस्पातल प्रस्तावित है। हम चाहेंगे कि स्टेट कैंसर सेंटर का निर्माण जल्द हो जाए, जिससे मरीजों को सहूलियत हो। यहां पहले से महावीर कैंसर संस्थान है। अब स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और इसी तरह से मुजफ्फरपुर में कैंसर अस्पताल बन जाएगा तो कैंसर मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी।


सीएम ने कहा- दिल्ली एम्स जैसी सुविधाएं दीजिए, पैसे की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री ने आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास से कहा कि दिल्ली एम्स के नजदीक पहुंचिए उससे अधिक पैसे देंगे। भरोसा रखिए। पैसे की चिंता मत कीजिए। जहां जितने पैसे की जरूरत होगी, उतना मिलेगा। ऐसी व्यवस्था करें कि जो भी मरीज आए, उसका इलाज हो जाए। कहा- इलाज के साथ लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक भी करें। जीवनशैली व खानपान ठीक रखें तथा खुले शौच से मुक्ति व शुद्ध पीने का पानी मिले तो 90 फीसदी बीमारी होगी ही नहीं। मुख्यमंत्री ने इलाज के साथ राज्यव्यापी जागरुकता अभियान चलाने की सलाह दी, ताकि लोगों को इलाज की जरूरत ही नहीं पड़े।

सिर्फ बेड नहीं, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ भी बढ़ाएं

सीएम ने कहा कि सिर्फ बेड की संख्या बढ़ाने से नहीं होगा। उस हिसाब से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी चाहिए। अस्पताल के पुराने भवनों की जांच करने का निर्देश दिया और कहा कि जो मजबूत नहीं हैं, उन्हें तोड़ दीजिए और वहां नया स्ट्रक्चर खड़ा कीजिए। जिससे अगले 100-200 साल तक कामयाब रहे। आईजीआईएमएस में नर्सिंग काॅलेज चालू किया गया है। सभी मेडिकल काॅलेजों में नर्सिंग की पढ़ाई शुरू हो, इस दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने जानना चाहा कि आईजीआईएमएस कैंपस का नर्सिंग काॅलेज संस्थान के अधीन है या स्वतंत्र। कहा- नियम सभी के लिए एक होना चाहिए।

300 किलोवाट बिजली का होगा भी उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर पावर प्लांट से 300 किलोवाट बिजली उत्पादन होगा। इस पर एक करोड़ 56 लाख रुपए खर्च होंगे। यह अक्षय ऊर्जा है। जब हमने कार्यभार संभाला था, तब बिहार का बजट 30 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर एक लाख 80 हजार करोड़ रुपए हो गया है। ऐसे में पैसे की चिंता नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री नवनिर्मित भवन के सामने पौधरोपण किया और कैंपस का निरीक्षण किया।

500 बेड के एक और अस्पताल का 28 को शिलान्यास
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आईजीआईएमएस में एक और 500 बेड का अस्पताल का शिलान्यास 28 मई को किया जाएगा। इस पर 253 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां जितने भी सुपरस्पेशलिटी विभाग है, वह सभी विभाग की व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े। कहा- मुजफ्फरपुर में भी 200 करोड़ की लागत से कैंसर इंस्टीट्यूट का निर्माण किया जाएगा। इसकी भी मंजूरी मिल गई है। संस्थान के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास कोशिश हो रही है कि किसी मरीज भर्ती करने से इंकार नहीं किया जाए। जल्द ही लिवर ट्रांसप्लांट और बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा बहाल हो जाएगी।

ये भी थे मौजूद

विधायक संजीव चौरसिया, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के सचिव मनीष कुमार वर्मा, डीन और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ.एसके शाही, कैंसर विभाग के हेड डॉ. राजेश कुमार सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. उदय कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह, पीआरओ परवेज अहमद खान आदि।