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बिहटा के डुमरी ग्रिड उपकेंद्र से हाेने लगी आपूर्ति, 24 घंटे मिलेगी बिजली

2 वर्ष पहले
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लंबे समय तक ओवरलोड के कारण बिजली की आंखमिचौनी से परेशान बिहटा के लाेगाें को अब निर्बाध तरीके से 24 घंटे बिजली मिलेगी। आने वाले समय में इसका लाभ पालीगंज तक के लोगों को मिलेगा। ऐसा डुमरी में विगत चार साल से बन रहे 220/132/33 केवीए ग्रिड उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू हाेने से हुआ है। एजुकेशनल हब के साथ कल-कारखानों सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण से विकसित हो रहे बिहटा व आसपास के इलाके की जरूरत को ध्यान में रखकर ही राज्य सरकार ने वर्ष 2013 में यहां पावर ग्रिड निर्माण की योजना बनाई थी, ताकि 24 घंटे बिजली की उपलब्धता हाे। बियाडा द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद करीब 9 एकड़ जमीन ग्रिड को उपलब्ध कराई गई। वर्ष 2014 में इसका निर्माण शुरू हुआ। किसानों के विरोध के कारण इसके निर्माण में थोड़ी रुकावट आई। किसान अपने मुआवजे सहित इसके रूट एलाइनमेंट का विरोध कर रहे थे। आखिरकार किसानों को समझाकर प्रशासन ने इसका काम शुरू कराया। अपने निर्धारित समय से चार वर्ष विलंब से ही सही 12 अप्रैल को इससे आपूर्ति शुरू कर दी गई।

खगौल ग्रिड के ओवरलोड से हो रही थी आंखमिचौनी

डुमरी में बने इस पावर ग्रिड उपकेंद्र के पहले बिहटा के पतसा ग्रिड को खगौल से आपूर्ति होती थी। बिहटा को रोजाना 90 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन भीषण गर्मी में खगौल ग्रिड ओवरलोड के कारण बिहटा पावर स्टेशन को उसकी वास्तविक जरूरत को नहीं पूरा कर पाता था।प्रतिदिन जबरन कई इलाकों की बिजली काट दी जाती थी, ताकि खगौल ग्रिड ओवरलोड के कारण फेल न हो जाए। डुमरी में बने ग्रिड उपकेंद्र के कारण अब बिहटा को सीधा गौरीचक से बिजली मिलने लगी। बताया जाता है कि बिहटा को अभी मात्र 104 मेगावाट की जरूरत है, जबकि इस ग्रिड में 160 मेगावाट के दो और 50 मेगावाट के दो ट्रांसफार्मर लगे हैं। अभी एक ट्रांसफॉर्मर ही यहां की सारी जरूरत को निर्बाध रूप से पूरा करने में सक्षम है। आने वाले समय में बड़ी जरूरत के लिए बिहटा का यह ग्रिड तैयार है।

पॉवर ट्रांसफार्मर जलने पर नहीं होगी असुविधा

इस ग्रिड से बिजली आपूर्ति की शुरुआत का बड़ा फायदा लोगों को होगा, क्याेंकि आमतौर पर पावर ग्रिड में लगे पावर ट्रांसफार्मर के जल जाने से दो- तीन दिनाें तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो पाती थी। लेकिन यहां से अब परेशानी नहीं होगी। इस ग्रिड में विकल्प के तौर पर दूसरा ट्रांसफॉर्मर हमेशा स्टैंड बाय में बिजली की आपूर्ति के लिए तैयार है।

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