पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बिहार: राजद ने प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह को उतारा, ठुकरा दी कांग्रेस की मांग

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विधानसभा पहुंचकर प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह ने नामांकन दाखिल किया। - Dainik Bhaskar
विधानसभा पहुंचकर प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह ने नामांकन दाखिल किया।
  • एनडीए को दो सीटों का नुकसान, जदयू-भाजपा की 1-1 सीट कम
  • भाजपा कोटे से डॉ. सीपी ठाकुर के पुत्र विवेक ठाकुर राज्यसभा जाएंगे

पटना. राज्यसभा चुनाव के लिए राजद ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने गुरुवार को बताया कि पार्टी ने प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा का टिकट दिया है। कांग्रेस राज्यसभा का एक सीट मांग रही थी, लेकिन राजद ने इस मांग को ठुकरा दिया है। सुबह पार्टी की तरफ से उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई और दोपहर में दोनों नेताओं ने विधानसभा पहुंचकर पर्चा भर दिया। इस दौरान तेजस्वी यादव, प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, भोला यादव समेत कई नेता मौजूद थे।


भाजपा कोटे से डॉ. सीपी ठाकुर के पुत्र विवेक ठाकुर राज्यसभा जाएंगे। दिल्ली ने उनकी उम्मीदवारी तय कर दी है। जदयू ने बिहार से राज्यसभा की अपने हिस्से की दो सीटों पर मौजूदा सदस्य हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर को उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया है। 

एनडीए को दो सीटों का नुकसान, जदयू-भाजपा की 1-1 सीट कम
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। तीन जदयू की और दो भाजपा सदस्य 9 अप्रैल को रिटायर्ड होंगे। हालांकि, इनमें एनडीए को तीन सीटें ही वापस मिलेंगी। इसमें दो सीट जदयू को और एक भाजपा को मिलेगी। फायदा राजद को होगा। उसे दो अतिरिक्त सीटें मिलने जा रही हैं। राज्यसभा के उपसभापति व जदयू के हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, कहकशां परवीन जबकि भाजपा के आरके सिन्हा और डॉ. सीपी ठाकुर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

कहकशां जा सकती हैं विधान परिषद
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि हमने सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन किया है। उन्होंने कहकशां परवीन का टिकट कटने के सवाल पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार कहकशां को मई में विधान परिषद में एडजस्ट किया जा सकता है। 


उधर, भाजपा के आरके सिन्हा भी टिकट के प्रबल दावेदार थे। पार्टी ने इनके अलावा कई और नामों पर विचार किया। प्रदेश कोर कमेटी ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल को नाम केन्द्रीय नेतृत्व को भेजने के लिए अधिकृत किया था। केन्द्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व के भेजे नामों में से विवेक ठाकुर के नाम पर अपनी सहमति दी।

विवेक ठाकुर की जीत लगभग तय
राज्यसभा के लिए यदि चुनाव हुए तो भी विवेक ठाकुर की जीत पक्की है। जीत के लिए 41 विधायकों की जरूरत है और विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक हैं। भाजपा के पास 13 सरप्लस वोट होंगे। ये वोट चुनाव होने पर जदयू उम्मीदवारों को मिलेंगे।

भाजपा ने रखा सामाजिक समीकरण का ध्यान
पार्टी ने सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर भूमिहार जाति को राज्यसभा का टिकट सौंपा है। पिछले लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण और भूमिहारों में कम टिकट मिलने को लेकर नाराजगी थी। पार्टी आलाकमान ने इसे अगली बार दूर करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के तहत लोकसभा चुनाव में बेटिकट किए गए सतीश चंद्र दूबे को पिछली बार राज्यसभा भेजा गया था। इसके बाद अगला टिकट भूमिहार को मिलना तय माना जा रहा था। पार्टी ने इसी तहत विवेक ठाकुर को टिकट दिया है। विवेक ठाकुर पिछली बार ब्रह्मपुर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

बिहार से हैं 16 सीटें
बिहार से राज्यसभा में 16 सीटें हैं। इनमें जदयू के 6, भाजपा के 4, राजद के 3, जबकि लोजपा और कांग्रेस के 1-1 सदस्य हैं। एक सीट खाली है। राज्यसभा की एक सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की दरकार है और इस लिहाज से रिक्त होने वाली पांच सीटों में दो-दो जदयू व राजद को, जबकि एक सीट पर भाजपा की जीत तय है।

खबरें और भी हैं...