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पटना. स्कूलों की छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की योजना है। सभी हाईस्कूलों के साथ ही मध्य विद्यालयों में भी इसे क्रियान्वित किया जाएगा। जल जीवन हरियाली योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में वर्षा जल संचय के लिए 80 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। स्कूलों में फेजवार इस योजना को पूरा किया जाना है।
शिक्षा विभाग ने 2020-20 में इस योजना में प्रारंभिक स्कूलों में 50 करोड़ और माध्यमिक स्कूलों में 23 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। वर्षा जल का संचय कर इसका उपयोग किया जाएगा। मिड डे मिल में उपयोग होने वाली सब्जी उगाने में इस पानी का उपयोग हो सकता है। वाटर हार्वेस्टिंग से ग्राउंड रिचार्ज होगा। बच्चों को वाटर हार्वेस्टिंग के फायदे बताये जाएंगे। गांव के लोगों को भी स्कूल में इस प्रकार के वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल के जरिये निजी घरों में भी जल संचय का संदेश दिया जाएगा। लगातार जल स्रोत के नीचे सिसकने और असमय बारिश से पानी की कमी की समस्या दूर करने के लिए राज्य में जल जीवन हरियाली अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत ही विभिन्न विभागों में 11 प्रकार के कार्यक्रम इससे संबंधित लिए गए हैं।
2019-20 में 3125 मध्य विद्यालयों में जल जीवन हरयाली योजना के तहत वर्षा जल संचय के लिए 25 करोड़ की राशि जारी की गई थी। योजना का क्रियान्वयन संबंधित विद्यालय शिक्षा समिति को करना है। योजना की मॉनीटरिंग और मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक, जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान व प्रारंभिक शिक्षा एवं राज्य स्तर पर बीईपी के एसपीडी व प्राथमिक शिक्षा निदेशक करेंगे। इसी प्रकार माध्यमिक स्कूलों के लिए डीईओ, डीपीओ के साथ माध्यमिक शिक्षा निदेशक मॉनीटरिंग करेंगे।
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