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बिहार / 17 शेल्टर होम्स में बच्चों का यौन शोषण और प्रताड़ना; 25 डीएम समेत 71 अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश

भागलपुर: इस बालिकागृह में बच्चों को बंदियों की तरह रखा जाता था। भागलपुर: इस बालिकागृह में बच्चों को बंदियों की तरह रखा जाता था।
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भागलपुर: इस बालिकागृह में बच्चों को बंदियों की तरह रखा जाता था।भागलपुर: इस बालिकागृह में बच्चों को बंदियों की तरह रखा जाता था।

  • सीबीआई ने बिहार के 17 शेल्टर होम की पूरी जांच के बाद कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को अनुशंसा भेजी
  • सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, 52 एनजीओ और निजी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने को कहा

दैनिक भास्कर

Jan 07, 2020, 01:56 PM IST

नई दिल्ली (पवन कुमार). बिहार के 17 शेल्टर होम में बच्चों से यौन शोषण और प्रताड़ना के मामले में जल्द ही राज्य के 25 डीएम और 46 अन्य सरकारी अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सभी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए बिहार के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। इसमें अधिकारियों की घोर लापरवाही को उजागर किया गया है। सीबीआई ने प्रदेश के 52 अन्य लोगों और एनजीओ को भी तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने की अनुशंसा की है। यह जानकारी सीबीआई ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में दी है। सीबीआई ने रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने सभी 17 शेल्टर होम की जांच पूरी कर ली है। इस संदर्भ में संबंधित अदालतों में रिपोर्ट दायर की जा चुकी है। 

पटना के 3 शेल्टर होम भी घेरे में, दो डीएम समेत तीन अफसरों पर एक्शन की मांग

सीबीआई के एसपी देवेंद्र सिंह ने वकील के माध्यम से अपना हलफनामा दायर करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को उन्हें मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के अतिरिक्त बिहार के अन्य 16 शेल्टर होम की जांच करने का आदेश दिया था। उन्होंने जांच की। बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के अतिरिक्त 12 अन्य केस दर्ज किए गए थे। उक्त सभी मामलों की सीबीआई ने दोबारा जांच की। साथ ही पटना के नारी गुंजन, कैमूर के ज्ञान भारती, गया के सेवा कुटीर और मधुबनी के एक शेल्टर होम की भी जांच की। यहां संचालकों के खिलाफ सबूत तो नहीं मिले, मगर अफसरों की लापरवाही सामने आई, इसलिए अफसरों पर कार्रवाई के लिए लिखा है। 

कहां के बालिकागृह और किन पर कार्रवाई के लिए लिखा

1. चिल्ड्रन होम फोर बॉयज, गया- 2 डीएम, 1 सरकारी अधिकारी और 13 चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सदस्य और अन्य लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
2. चिल्ड्रन होम फोर बॉयज, भागलपुर- 2 डीएम, 3 सरकारी अधिकारी और 6 अन्य लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
3. शार्ट स्टे होम, मुंगेर- यहां पर अधिकारियों को इंस्पेक्शन के संबंध में विशेष निर्देश दिए जाने की जरूरत है
4. चिल्ड्रन होम फोर बॉयज, मुंगेर- 1 डीएम और 2 अन्य लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
5. शार्ट स्टे होम, पटना - 1 डीएम, 2 सरकारी अधिकारी और 3 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
6. कौशल कुटीर, पटना- एक सरकारी अधिकारी
7. चिल्ड्रन होम फोर बॉयज, मोतीहारी- 2 डीएम
8. शार्ट स्टे होम, मोतीहारी- 5 डीएम, 5 सरकारी अधिकार और 1 एनजीओ सखी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
9. शार्ट स्टे होम, कैमूर- 7 डीएम, 11 सरकारी अधिकारी और 1 ब्लैकलिस्ट की सिफारिश
10. शार्ट स्टे होम, मधेपुरा- 1 डीएम और 5 सरकारी अधिकारी
11. आब्जर्वेशन होम, अररिया- 1 डीएम और 5 सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश हुई है 

इन चार के खिलाफ सबूत न मिलने पर केस दर्ज नहीं पर अफसरों की लापरवाही दिखी

1. स्पेशलाइज्ड अडोप्शन एजेंसी, मधुबनी- 2 डीएम, 5 सरकारी अधिकारी पर कार्रवाई की सिफारिश
2. स्पेशलाइज्ड अडोप्शन एजेंसी, पटना- 1 डीएम, 5 अधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा
3. स्पेशलाइल्ड अडोप्शन एजेंसी, कैमूर- 3 सरकारी अधिकारी और 13 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश
4. सेवा कुटीर, गया- 4 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश

ऐसे उठा दरिंदगी से पर्दा

  • 14 नंवबर 2017 काे टिस ने बालिकागृह में किया था साेशल ऑडिट
  •  31 मई 2018 को एफआईआर
  •  1 जून 2018 काे ब्रजेश ठाकुर हिरासत में
  •  26 जून 2018 सीबीआई काे केस सौंपा

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