मंडे पॉजिटिव / महिलाओं को सशक्त बनाने और भ्रूणहत्या के खिलाफ रेणू ने छेड़ी जंग

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 06:43 AM IST


Renu war against  feticide
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Renu war against  feticide
Renu war against  feticide

  • जागरूक करने के लिए शुरू किया था अकेले सफर, अब कई लोग है साथ 

आरा .  बेटियां अब बेटों से कम नहीं हैं। खेल, पढ़ाई, नौकरी और लोगों को जागरूक करने समेत सभी क्षेत्रों में समाज लड़कों से कदमताल कर रहीं है। कई क्षेत्रों में जहां बेटे चल नहीं सके वहां बेटियों ने देश और समाज का नाम रोशन किया है। कुछ ऐसी ही पहचान पीरो प्रखंड की देवचंदा गांव की रहनेवाली रेणू ने बनाई है।

 

रेणू बेटियों को बचाने के लिए अलख जगा रही है साथ ही बिना किसी सरकारी सहायता के कन्या भ्रूण हत्या खिलाफ अभियान भी छेड़ा है। रेणू स्नातक और एमबीए की पढ़ाई पूरी की। लेकिन, समाज में बेटियों के खिलाफ भेदभाव और कन्या भ्रूण हत्या ने उसे चैन से बैठने नहीं दिया और बेटियों को बचाने के लिए वह मैदान में उतर आई। आए दिन रेणू जगह-जगह पोस्टर लगाकर, महिलाओं से मिलकर, स्कूलों में बच्चों को जागरूक कर रही है।

20 से 25 महिलाओं और पढ़ाई कर रही छात्राओं को रोजगार से जोड़ा

  1. रेणू जिले के बिहिया, तरारी, पिरो, सन्देश, अगिआव, उदवंतनगर, शाहपुर सहित आदि ग्रामीण इलाकों की लगभग 20 से 25 महिलाओं और पढ़ाई कर रही छात्राओं को रोजगार से भी जोड़ा है। जो कि इस वक्त सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग और खाने पीने के छोटे छोटे सामान बनाकर अपनी पढ़ाई और घरों का खर्च भी निकाल रही हैं। इसके अलावा गरीब, दलित और मुस्लिम परिवारों के अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक कराकर उनके बच्चों को सरकारी स्कूलों तक पहुंचाने का काम भी बखूबी कर रही है।

  2. अकेले ही चली थी जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग जुड़ते गए...

    रेणू लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अकेली चली थी, लेकिन अब उसकी टीम में कई लोग शामिल हो गए हैं। रेणू ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बेटियों को गर्भ में नहीं मारें। उसे जन्म दें और सुरक्षित स्थान पर रख दें, वह खुद उन बच्चियों का लालन-पालन करेगी। कहा कि असहाय बच्चियों को मां का आंचल मिलेगा जिंदगी में इससे बेहतर अौर क्या बात होगी। इसी मुहित के तहत पीरो, तरारी में दलित बच्चों के बीच कॉपी कलम बांटकर उन्हें प्रेरित किया।

  3. शिक्षा और विशेषतौर पर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए हो रहा प्रयास

    कई गांव में रेणू सिंह जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं के बीच शिक्षा व आत्मनिर्भरता की अलख जगा रही है। रेणू अब तक 20 से अधिक महिलाओं और युवतियों को न सिर्फ अपने पैरों पर खड़ा करा चुकी हैं, बल्कि गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए भी नि:शुल्क शैक्षिक केंद्र संचालित कर रही हैं। जिसमें इस वक्त सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 30 बच्चों के लिए नि:शुल्क ट्यूशन की व्यवस्था की है।

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