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पुराने वाहनों से होनेवाले प्रदूषण पर राज्य सरकार दे जवाब

राज्य में पुराने भारी वाहनों से बड़ी मात्रा में होनेवाले प्रदूषण के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए...

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2018, 04:41 AM IST
Patna - पुराने वाहनों से होनेवाले प्रदूषण पर राज्य सरकार दे जवाब
राज्य में पुराने भारी वाहनों से बड़ी मात्रा में होनेवाले प्रदूषण के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एमआर शाह की खंडपीठ ने एसके शांडिल्य की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि भारी वाहनों के फर्जी कागजात की भी जांच की जाए। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इन वाहनों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- भारी वाहनों के फर्जी कागजात की भी जांच की जाए

कब तक बन जाएंगे मेडिकल कॉलेज

राज्य में मधेपुरा सहित अन्य 4 मेडिकल काॅलेजों के निर्माण में हो रही देरी पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एमआर शाह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को मधेपुरा मेडिकल काॅलेज के संबंध में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पूछा कि बिल्डिंग कहां है, हॉस्पिटल कहां है, फंड मिल गया है और पोस्ट की स्वीकृति मिल गई है तब मेडिकल काॅलेज कब बनेगा? विदित हो कि राज्य सरकार ने समस्तीपुर, छपरा, मधेपुरा व पूर्णिया में मेडिकल काॅलेज बनाने की योजना 2015 में बनाई गई थी, लेकिन वे अबतक नहीं बन पाए हैं। 17 सितंबर को मामले पर फिर सुनवाई की जाएगी।

जेनरेटर चलाने में अनियमितता पर जवाब तलब

गया जिले के सरकारी अस्पतालों में जेनरेटर चलाने में बरती जा रही वित्तीय अनियमितता के मामले पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एमआर शाह की खंडपीठ ने संजीव कुमार की जनहित याचिका को सुनते हुए उक्त आदेश दिए। कोर्ट को बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए जेनरेटर चलाने के मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरती गई है। जेनरेटर को महज कागजों पर चलाया जाता रहा और उसकी एवज में सार्वजनिक धन की बंदरबांट होती रह।

विष्णुदेव राय स्कूल की मान्यता रद्द करने के परीक्षा समिति के आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त

प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन के आधार पर परीक्षा समिति के विष्णुदेव राय स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश को निरस्त करते हुए हाईकोर्ट ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को यह छूट दी कि वह इस मामले पर नए सिरे से कार्रवाई शुरू कर स्कूल प्रबंधन को सुनवाई का मौका देते हुए स्कूल की मान्यता पर नया आदेश पारित कर सकती है। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने स्कूल की ओर से दायर रिट याचिका को सुनते हुए उक्त आदेश दिए। याचिकाकर्ता के वकील सुनील कुमार सिंह ने कोर्ट को दर्शाया कि स्कूल का निरीक्षण तीन सदस्यीय जांच दल से कराने के बाद, बिना जांच रिपोर्ट दिखाए और कोई सुनवाई के मौका दिए बगैर ही समिति ने स्कूल की मान्यता खत्म कर दी। यह नैसर्गिक न्याय यानी नेचुरल जस्टिस के सिद्धांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने याचिका के आरोप को सही पाते परीक्षा समिति द्वारा मान्यता रद्द करने के निर्णय को कानूनन अवैध करार दिया।

जीतन राम मांझी का आत्मसमर्पण, जमानत पर मुक्त

पटना सिविल कोर्ट स्थित सांसदों और विधायकों के लिए बनी विशेष अदालत में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आत्मसमर्पण किया। बाद में उन्हें जमानत पर मुक्त किया गया। विशेष न्यायाधीश परशुराम सिंह यादव की अदालत में आत्मसमर्पण करने के साथ ही मांझी की ओर से जमानत पर मुक्त करने की प्रार्थना की गई। अदालत ने सुनवाई के बाद पांच हजार रुपए के निजी मुचलके के साथ उसी राशि के दो जमानतदारों का बंधपत्र दाखिल किए जाने के बाद जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया। मामला वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन का है। 30 मार्च, 2014 को उनके वाहन पर दो पार्टियों के झंडे लगे थे। इस संबंध में गया के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सृजन घोटाला के आरोपियों की सीबीआई कोर्ट में पेशी

सृजन घोटाले से जुड़े पांच मामलों के आरोपियों सरिता झा, विनोद मंडल, अरुण कुमार पांडेय, राकेश झा, अरुण कुमार सिंह, पंकज कुमार झा, हरिशंकर उपाध्याय, अतुल रमण, वंशीधर झा, अमरेंद्र यादव और राकेश कुमार को तिलका मांझी जेल भागलपुर, जबकि एक आरोपी अरुण कुमार को पटना के बेउर जेल से लाकर सीबीआई के विशेष कोर्ट में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ाते हुए 22 सितंबर तक के लिए जेल वापस भेजने का आदेश दिया।

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