बिहार / नए इलाकों में बाढ़ का खतरा, डेढ़ दर्जन स्थानों पर तटबंधों में कटाव शुरू



Risk of flood in new areas Cutting in embankments in one and a half dozen places
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Risk of flood in new areas Cutting in embankments in one and a half dozen places

  • युद्धस्तर पर तटबंधों को बचाने की कवायद, 24 घंटे चल रहा मरम्मत का कार्य
  • जल संसाधन विभाग के वरीय इंजीनियर कर रहे मानिटरिंग, तटबंधों के सुरक्षित होने का दावा

Dainik Bhaskar

Jul 30, 2019, 01:11 PM IST

पटना. नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तटबंध में कटाव शुरू हो गया है। इससे नए इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने युद्धस्तर पर इनकी मरम्मत में शुरू कर दी है। 24 घंटे कटाव निरोधक कार्य किये जा रहे हैं। विभाग किसी सूरत में नए इलाकों में बाढ़ फैलने नहीं देना चाहता है।

 

कोसी, किऊल, करेह, बागमती, भूतही बलान, महानंदा, फरियानी, परमान, घाघरा समेत कई अन्य नदियों के तटबंधों पर पिछले 48 घंटे में भारी दबाव उत्पन्न हो गया है। इससे इनमें कई स्थानों पर कटाव तो कई स्थानों पर रिसाव शुरू हो गया है। इससे निकटवर्ती इलाकों में लोगों में बेचैनी है। बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं।

 

भागलपुर जिला के कोसी नदी के दायें तट पर बगजान बांध के 4.8 किलोमीटर के समीप, नगरपाड़ा तटबंध के 16.11 किलोमीटर के समीप और लखीसराय जिला के सूर्यगढ़ा प्रखंड में किऊल नदी के दायें तट पर निस्ता ग्राम सुरक्षात्मक बांध पर भारी दबाव उत्पन्न हो गया है। इनमें कई स्थानों पर कटाव-रिसाव हो रहा है। इसी तरह करेह नदी के दायां तटबंध हायाघाट-कराचीन के 13.20 किलोमीटर स्लूईस के पास, दायां भूतही बलान के 12 किलोमीटर से 13 किलोमीटर पर राजपुर, दौलतपुर कटाव स्थल पर भी ऐसा ही स्थिति है।

 

बेलगच्छी झौआ महानन्दा दायां तटबंध के 24.50 किलोमीटर के पास शिवगंज के निकट हो रहे पानी के बहाव के कारण तटबंध के तेजी से कटाव शुरू हो गया है। इसी तरह अमदाबाद प्रखंड में महानन्दा नदी के दांये किनारे पर बेलगच्छी ग्राम में स्थिति बिगड़ गयी है। पूर्णिया में के. नगर प्रखंड के रिकावगंज पंचायत में जोका जलमारे ग्राम के आदिवासी टोला, करबला टोला व शर्मा टोला के अलावा बैसा प्रखंड के धोबिनियां गांव और अमौर प्रखंड के सिमलवाड़ी गांव के हरिजन टोला में तटबंधों पर कटाव हो रहा है।

 

अररिया के फारबिसगंज प्रखंड के गुरमी ग्राम, सिकटी प्रखंड के फुटहारा गांव के उतरटोला व दक्षिणटोला के साथ-साथ कुरसाकांटा प्रखंड के डहुआबाड़ी वार्ड नंबर12 और सिकटी प्रखंड के नियुवा गांव जबकि किशनगंज के बगलबाड़ी व बैरबन्ना के पास तटबंधों पर दबाव के बाद कटाव हो रहा है। सीवान में गोगरा तटबंध के ग्यासपुर गांव और सिसवन के पास 65.260 किलोमीटर से 65.315 किलोमीटर के बीच, मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड में बागमती नदी के बेनीपुर चैनल के माउथ के बायें किनारे में 40 मीटर चौड़ाई और 100 मीटर लम्बाई में डिपाजिटेड सिल्ट को निकालने के लिए इंजीनियर युद्धस्तर पर जुटे हैं।

 

जल संसाधन विभाग इन तटबंधों की मरम्मत की निगरानी मुख्यालय से खुद कर रहा है। निकट के भंडार से कटाव निरोधक सामग्री प्रभावित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे हैं। पटना के केन्द्रीय भंडार से भी बालू के बोरे, नायलान क्रेट भेजे गए हैं। विभाग का दावा है कि तमाम स्थानों पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य किये जा रहे हैं और सारे तटबंध सुरक्षित हैं।

 

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