सफाई में परेशानी होने की वजह से मंदिरी अाैर बाकरगंज नाले पर नहीं बनेगी सड़क
मंदिरी और बाकरगंज नाले पर सड़क निर्माण की योजना अधर में लटक गई है। बॉक्स नाले की सफाई की सही तकनीक नहीं मिल पाने के कारण फिलहाल इस योजना पर रोक लगा दी गई है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड की बैठक में ही इन दोनों योजनाओं को स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में भी इन दोनों नालों पर सड़क निर्माण के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। बैठक में यह चर्चा की गई कि बड़े नालाें को कवर करके सड़क निर्माण कराने से जलप्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे भविष्य में भी जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए इन्हें ढंकने की बजाए पक्कीकरण कराया जाए और इनकी चौड़ाई बढ़ाई जाए। इन नालों की चौड़ाई बढ़ाने के बाद इन्हें लोहे की जाली से ढंका जा सकता है, ताकि ठोस अपशिष्ट नाले में नहीं डाला जा सके।
मई में पूरी होनी थी योजना
मंदिरी नाला प्रोजेक्ट के तहत आयकर गोलंबर से अशोक राजपथ को जोड़ने वाली सबसे चौड़ी सड़क बन जाती। फरवरी 2019 से शुरू हुई इस योजना को मई 2020 में पूरा होना था। इस नाले के विकास पर 67.10 करोड़ रुपए खर्च होने थे। अभी इसका काम रुक गया है। दरअसल, सितंबर में हुई भारी बारिश व जलजमाव के बाद ओपन ड्रेन को ढकने की योजना पर सरकार ने रोक लगाने का फैसला लिया है।
स्मार्ट सिटी की सीमा से था बाहर
बाकरगंज नाला प्रोजेक्ट काे स्मार्ट सिटी की बाउंड्री के बाहर होने के कारण स्थगित किया गया। इस पर 15.27 करोड़ रुपए खर्च हाेने थे। इसे मार्च 2019 से शुरू कर जून 2020 तक पूरा भी कर लेना था। लेकिन अभी तक इस पर काम भी शुरू नहीं हो सका है। नाले की सफाई तक नहीं हो पाई है। हाल ही में नगर आयुक्त की अगुवाई में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा बाकरगंज नाला क्षेत्र का भ्रमण किया गया था। इस दौरान नगर आयुक्त ने बाकरगंज नाला परियोजना की वस्तुस्थिति भी समीक्षा की। बोर्ड की बैठक में भी परियोजना पर स्टे लगाया गया है।
बॉक्स नालों में ठीक से पानी का प्रवाह नहीं होने से जलजमाव
पटना में हुए जलजमाव के कारणाें को जानने के लिए बनी विशेषज्ञों की टीम ने यह बात भी कही है कि पटना में जलजमाव का एक प्रमुख कारण बॉक्स नालों में ठीक से पानी का प्रवाह नहीं होना है। कुछ वर्ष पहले ही आशियाना-दीघा में खुले नाले को ढंककर सड़क निर्माण कर दिया गया। इसके बाद इसकी सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है और नाले में लगातार गाद जमा होती जा रही है। अभी तक नगर निगम इन नालों की सफाई का सही तकनीक नहीं खोज पाया है, जिससे परेशानी हो रही है।