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2005 से पहले व बाद की सड़कें बता रहीं जंगलराज और सुशासन का फर्क

एक वर्ष पहले
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पटना|प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने लोगों को सड़क के हवाले राजद के ‘जंगलराज’ और एनडीए के ‘सुशासन’ का फर्क समझाया। उन्होंने कहा- राजद राज में तय करना मुश्किल था कि सड़क के बीच गड्ढ़ा है या गड्ढ़े में सड़क है? 2005 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सड़कों की तस्वीर पूरी तरह बदली। 1990 से 1996 के बीच सड़कों के बनने की मात्रा घटी, लेकिन अलकतरा की खरीद 14 से बढ़कर 93.7 प्रतिशत हो गई। अलकतरा घोटाला हुआ। तब के पथ निर्माण मंत्री जेल में हैं। एनडीए शासन में सिर्फ पथ निर्माण विभाग की सड़कों के निर्माण पर 64 हजार 752 करोड़ खर्च हुए। इसमें ग्रामीण कार्य विभाग का खर्च जोड़े तो यह करीब 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए है। वहीं राजद शासन में इन दोनों विभागों की सड़कों के निर्माण व मरम्मत पर सिर्फ 6071 करोड़ खर्च हुए।
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