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नगर निगम क्षेत्र में महीने के अंत तक 250 सड़कों का होगा शिलान्यास: मंत्री

नगर निगम क्षेत्र में एक साथ 250 सड़कों और नाले का शिलान्यास इस महीने के अंत तक होगा।

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 03:08 PM IST

मुजफ्फरपुर. नगर निगम क्षेत्र में एक साथ 250 सड़कों और नाले का शिलान्यास इस महीने के अंत तक होगा। वार्ड के क्षेत्रफल व आवश्यकता के अनुसार किसी वार्ड में 4 तो किसी वार्ड में 6 योजनाओं का चयन होगा। सोमवार को मिठनपुरा के आम्रपाली ऑडिटोरियम में नगर निगम बोर्ड की बैठक के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुरेश शर्मा ने यह घोषणा की।

उन्होंने नगर आयुक्त को सभी पार्षदों से सड़कों की सूची लेकर योजना तैयार करने को कहा।

मंत्री ने कहा कि राज्य योजना से 48 सड़कें बनेंगी। शहरी क्षेत्र में 8 सड़कें आरसीडी बनाएगा। मंत्री ने कहा कि विकास से जुड़े बड़े काम में समय लगता है। यदि काम नहीं हुआ तो चुनाव नहीं लड़ेंगे। बैठक के दौरान एमएलसी दिनेश सिंह ने कहा कि मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं पड़े। शहर के विकास को विभागीय मंत्री के साथ मैं भी सहयोग को तैयार हूं। बोर्ड के सभी सदस्य समन्वय कर काम करें। तभी बेहतर परिणाम सामने आएगा।

डिप्टी मेयर मानमर्दन शुक्ला ने एमएलसी से अनुरोध किया कि अपने स्तर से कुछ फंड शहर के लिए भी उपलब्ध कराएं। इससे पहले मेयर सुरेश कुमार ने बैठक को शुरू करने की घोषणा की। मंत्री जब बैठक से जाने लगे तो पार्षद संतोष महाराज ने पूछा कि भ्रष्टाचार के मामले में कब तक कार्रवाई होगी? जवाब में उन्होंने बताया कि जल्द दोषी पर कार्रवाई होगी। इस दौरान शहर के विकास के साथ व्यवस्था परिवर्तन के लिए कई सख्त निर्णय हुआ। मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र के तहत चिह्नित 216 गांवों में नक्शा की स्वीकृति निगम से मिलेगी। इसे पिछले बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई थी। नगर आयुक्त को इसके लिए अधिकृत किया गया। आवासीय क्षेत्र में 25% एरिया व व्यावसायिक क्षेत्र में 30%एरिया में पार्किंग के नियम पर चर्चा हुई। जल्द बिल्डिंग बायलॉज पर बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया।

जी प्लस-2 भवन में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम के बाद ही नक्शा होगा पास
शहरी क्षेत्र में जल संकट को देखते हुए सोमवार को सर्व सम्मति से बड़ा फैसला लिया गया। नगर निगम क्षेत्र में जी प्लस टू भवन की श्रेणी से रेन वाटर हार्वेस्टिंग शामिल करने के बाद ही निगम से नक्शा पास हाेगा। चिंता जताई गई कि शहरी क्षेत्र का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में हर हाल में इस व्यवस्था को लागू करना है। जानकारी के अनुसार आवासीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग पर प्रॉपर्टी टैक्स में भी छूट दी गई है।

सड़क पर निर्माण सामग्री रखने पर होगा जुर्माना, 52 जगह लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
सड़क पर गिट्टी बालू रख कर निर्माण कराने वालों को निगम प्रशासन की अोर से जुर्माना किया जाएगा। इसके साथ जो सड़क पर रख कर व्यवसाय कर रहे है। उन्हें भी जुर्माना होगा। इसके अलावे यदि कोई घर का मलबा सड़क पर फेंकते है, तो प्रति ट्रैक्टर 10 हजार रुपए फाइन निगम को देना होगा। इसके अलावे घरों से पॉलीथिन बांध कर सड़क पर कूड़ा फेंकने पर 1 हजार व कूड़ा में आग लगाने पर 2 हजार फाइन होगा। गंदगी को लेकर फाइन की श्रेणी में कोचिंग व पेट्रोल पंप को भी शामिल किया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर 52 जगहों पर सीसीटीवी लगना है। जिसके फुटेज के आधार पर भी जुर्माना होगा।

लाइसेंस के लिए पानी के कारोबारियों को एक सप्ताह का समय
शहर में अवैध रूप से चल रहे पानी के कारोबार को लेकर निगम बोर्ड की बैठक में जम कर हंगामा हुआ। नगर आयुक्त ने कहा कि करीब 100 ऐसे एजेंसी को बंद किया जाएगा। जिस पर डिप्टी मेयर के साथ कई पार्षदों ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। डिप्टी मेयर ने कहा कि फिलहाल निगम क्षेत्र के 70 फीसदी इलाके में निगम की ओर से पानी नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में लोग किसी तरह खरीद कर पानी पी रहे है। ऐसे में बंद करने से पहले लाइसेंस व एजेंसी पर टैक्स को लेकर सख्त कानून बनाई जाए। पार्षद अभिमन्यु कुमार, रतन शर्मा ने भी एजेंसी को बंद करने का विरोध किया। जिसके बाद वोटिंग हुई। और सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि पानी के कारोबारी को निगम से लाइसेंस लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाता है। वहीं कमेटी के तहत मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त टैक्स की राशि तय करेंगे। तय अवधी में लाइसेंस नहीं लेने वाले को एजेंसी बंद करना होगा।