स्कूली शिक्षा सौ प्रतिशत अंक तो दे रही है, रचनात्मकता का विकास नहीं कर पा रही

Patna News - सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने स्कूली शिक्षा की मूल खामियों को उजागर करते हुए इसके निदान के उपाय सुझाए हैं।...

Mar 27, 2020, 07:56 AM IST

सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने स्कूली शिक्षा की मूल खामियों को उजागर करते हुए इसके निदान के उपाय सुझाए हैं। लॉकडाउन एक महत्वपूर्ण अवसर नाम से गुरुवार को जारी पत्र में उन्होंने कहा है कि आज की स्कूली शिक्षा ज्ञान तो दे रही है लेकिन कौशल विकास नहीं कर पा रही। शत-प्रतिशत अंक तो दे रही है लेकिन रचनात्मकता का विकास नहीं कर पा रही है। इसलिए स्कूली शिक्षा एवं व्यवहारिक जीवन के बीच खाई लगातार बढ़ती जा रही है। बच्चे उन रोजगारों में भाग्य आजमा रहे हैं, जिनमें उनका इंट्रेस्ट नहीं है। यह स्थिति विकास के लिए बाधक है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि यह स्थिति क्यों है? जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी, सीबीएसई सहित सभी इस बात पर जोर देते हैं कि शिक्षा अनुभवपरक, व्यावहारिक, नैतिक, प्रयोगात्मक, कौशलपूर्ण रोजगारोन्मुख होनी चाहिए तो बातें जमीन पर क्यों नहीं उतर रहीं? उन्होंने कहा की शिक्षा के उच्च पायदान पर बैठे विश्व के ज्यादातर देश में वही मूल विषय पढ़ाए जाते हैं जो हमारे यहां पढ़ाए जाते हैं, तो गैप कहां है? उन्होंने कहा कि खेल पढ़ाने के तरीके को लेकर है। करिकुलम को लेकर है, पेडागॉजी को लेकर है। हम पढ़ाने पर जोर देते हैं वो सिखाने पर, हम कंटेंट पर जोर देते हैं वो लर्निंग आउटकम पर। हम ज्ञान पर जोर देते हैं वो ज्ञान के प्रयोग पर। इसमें टीचरों का रोल महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में अध्यापकों से अपील है कि वे बच्चों को प्रोजेक्ट, असाइनमेंट, एक्टिविटीज तत्काल भेज दें। घर को स्किल सेंटर बनाएं।

पूरे सत्र के लिए योजनाएं बनाएं, ई-कंटेंट डेवलप करें शिक्षक

पटना| सीबीएसई ने सम्बद्ध स्कूल के शिक्षकों से कहा है कि वे पूरे सत्र की योजनाएं बनाएं। ई-कंटेंट डेवलप करें और उसे साझा करें। इस दौरान स्टूडेंट एनरिचमेंट एक्टिविटी और टीचर एनरिचमेंट एक्टिविटी पर फोकस करें। डायरेक्टर एकेडमिक्स डॉ. जोसफ इमैनुएल ने स्कूलों को दिए निर्देश में कहा है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, एमएचआरडी व सरकार ने घर से काम करने का निर्देश दिया है। जिम्मेदार शिक्षाविद होने के नाते एक ही समय में हमें सकारात्मक रूप से रचनात्मक होने की आवश्यकता है। हम विभिन्न गतिविधियों के लिए इस अवधि का उपयोग कर सकते हैं, जिससे टेक्नोलॉजी का हरसंभव उपयोग हो सके। उन्होंने शिक्षकों को क्वारेंटाइन को प्रोडक्टिव बनाने के लिए कहा है।

बच्चे उन रोजगारों में भाग्य आजमा रहे जिनमें उनका इंट्रेस्ट नहीं, यह स्थिति घातक

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टीचर एनरिचमेंट एक्टिविटी : शिक्षक स्वयं को अपडेट कर सकते हैं, जिसमें किताबें पढ़ना, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफार्मों का उपयोग कर, वीडियो डॉक्यूमेंट्री देखना अादि कर सकते हैं। शिक्षकों के ऑनलाइन समूहों में शामिल हो सकते हैं, अपने द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं पर ब्लॉग लिख सकते हैं और साझा कर सकते हैं। बोर्ड ने कहा है स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे ऑनलाइन नहीं किया जा सकता है।

स्टूडेंट एनरिचमेंट एक्टिविटी : शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे ट्यूटोरियल, वीडियो लेक्चर, यूट्यूब या स्कूल के फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप पर रिकॉर्ड कर अपलोड करें। सामग्री को यथासंभव आकर्षक बनाएं। प्वाइंटर्स, जहां भी संभव हो विजुअल का उपयोग करें। लिंक को बोर्ड के साथ शेयर करना न भूलें। छात्रों के लिए ऑनलाइन फॉर्मेटिव असेसमेंट और सेल्फ-असेसमेंट डिजाइन करने का निर्देश दिया गया है।

पूरे सत्र, वर्ष के लिए योजना : शिक्षकों को कहा गया है कि वे विभिन्न विषयों और कक्षाओं के लिए लर्निंग आउटकम्स की फाइंडिंग्स को तैयार करें या परिभाषित करें। पूरे पाठ की योजनाओं को बनाएं। शिक्षक 21वीं सदी के स्किल्स को बढ़ाने के लिए गतिविधियों को डिजाइन करें जैसे सोशल स्किल और अन्य लाइफ स्किल, पाक कला, मैथेमैटिकल लिट्रेसी स्किल्स, साइंटिफिक लिट्रेसी स्किल, रीडिंग स्किल या अन्य लैंग्वेज स्किल को डिजाइन करें।

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