हाईकोर्ट का फैसला / पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी से हुए बच्चे को अनुकंपा के आधार पर मिलेगी नौकरी



second wife child will get a job on compassionate grounds
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second wife child will get a job on compassionate grounds

  • कोर्ट ने कहा- दूसरी शादी से हुए बच्चे की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति कोई कानून नहीं रोक सकता
  • बशर्ते मृतक कर्मी को दूसरी शादी करने के लिए विभागीय कार्यवाही के तहत कोई सजा न मिली हो

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 02:50 AM IST

पटना. पटना हाईकोर्ट के तीन जजों की पूर्ण पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह तय किया कि किसी सरकारी कर्मी की दूसरी शादी (पहली पत्नी रहते) से हुए बच्चे की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से कोई कानून नहीं रोक सकता है, बशर्ते मृतक कर्मी को दूसरी शादी करने के लिए विभागीय कार्यवाही के तहत कोई सजा न मिली हो।

 

न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह, न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार एवं न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की पूर्ण पीठ ने बिहार सरकार व अन्य की तरफ से दायर अपीलों को निष्पादित करते हुए कार्मिक विभाग के 23 जून 2005 के परिपत्र के उस अंश को गैरकानूनी घोषित किया, जिसके तहत पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले सरकारी कर्मी की दूसरी पत्नी के बच्चे की अनुकंपा पर नियुक्ति में कानूनन रोक है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार बनाम वी. आर. त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में यह फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इसमें तय किया है कि हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत दो विवाह के अवैध होने के बावजूद दूसरी शादी से हुई संतान वैध होती है।

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