सिर दर्द, चक्कर या उल्टी हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलें

Patna News - सिर में दर्द होने, चक्कर आने या उल्टी होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। सिर में दर्द होने की समस्या...

Nov 11, 2019, 06:11 AM IST
सिर में दर्द होने, चक्कर आने या उल्टी होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। सिर में दर्द होने की समस्या इन दिनों बहुत तेजी से बढ़ी है। जिन्हें इस तरह की समस्या हो उनके इलाज में ध्यान देने की जरूरत है। दवा देकर यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं हो। ये बातें रविवार काे इंडियन एपलेप्सी एसोसिएशन बिहार शाखा व आईजीआईएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा अायाेजित सीएमई में कोलकाता के डॉ. कल्याण भट्टाचार्य ने कहीं। उन्हाेंने माइग्रेन पर चर्चा की।

केरल की डॉ. आशालता राधाकृष्णन ने कहा कि कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं, जिन्हें आईसीयू में भर्ती किया जाता है। सभी तरह की जांच कराने के बाद भी उनकी बीमारी पकड़ में नहीं आती। ऐसे में ईईजी करना चाहिए। 100 में से 15-20 मरीज ऐसे होते हैं, जिनके दिमाग में परेशानी होती है। इसे हम दूसरे शब्दों में दिमाग की मिरगी कहते हैं। ऐसे मरीजों के हाथ-पैर में कोई हरकत नहीं होती। लेकिन ब्रेन में मिरगी आती है। ऐसे में लगातार ईईजी करनी चाहिए। विदेशों में ऐसा होता है। कोचिन के डॉ. विवेक नांबियार ने लकवा पर प्रकाश डाला। खासतौर से उन्होंने ब्रेन की धमनियों के सिकुड़न के बारे में विस्तार से चर्चा की। केरल के डॉ. एम. मधुसूदन ने कहा कि कुछ बीमारियाें में दवा से मरीज का इलाज नहीं हो पाता है। ऐसे में हमें इंतजार नहीं करना चाहिए। मरीज के गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले ही उन्हें न्यूरो के चिकित्सक के पास रेफर कर देना चाहिए।

डॉ. एके अग्रवाल ने कहा कि इस संगोष्ठी के माध्यम से आमलोागों को यह संदेश देने की कोशिश है कि मिरगी व न्यूरो के अन्य रोगों का इलाज संभव है। यह ठीक होता है। मरीज को झाड़-फूंक, चप्पल या प्याज नहीं सुंघाना चाहिए। मरीज का इलाज अस्पताल में ही ले जाकर सही ढंग से करवाना चाहिए। आयोजन सचिव डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि इंडियन एपलेपसी एसोसिएशन सामाजिक संस्था है, जो लोगों को खासकर मिरगी की बीमारी के प्रति जागरूक करती है। डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दाैरान क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद‌्घाटन करते स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांंडेय।

विश्वस्तरीय अस्पताल बनेगा पीएमसीएच

कार्यक्रम का उद‌्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाना है। पांच हजार बेड की व्यवस्था होगी। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी हो गई है। आईजीआईएमएस में डीएम कोर्स की शुरुआत हो चुकी है। डिप्लोमा इन न्यूरोलॉजी को डिग्री कोर्स में बदल दिया गया है। इस कोर्स में 10 विद्यार्थियाें का नामांकन भी हो चुका है।

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