Hindi News »Bihar »Patna» Shooter Shreyasi Singh Won The Gold Medal In Commonwealth Games 2018

जिस इवेंट में हुई थी पिता की मौत उसी में हासिल किया गोल्ड मेडल, कुछ ऐसी है इस बिहारी लेडी शूटर की कहानी

श्रेयसी ने कहा कि कोच ने मुझे कड़ी ट्रेनिंग दी थी, जिसके चलते मैं कॉमनवेल्थ में अच्छा परफॉर्म कर पाई।

DainikBhaskar.Com | Last Modified - Apr 11, 2018, 11:27 PM IST

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    श्रेयसी सिंह

    पटना.ऑस्ट्रेलिया में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में बिहार की शूटर श्रेयसी सिंह ने गोल्ड मेडल जीता है। श्रेयसी ने महिलाओं की डबल ट्रैप कॉम्पटीशन में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने 96+2 का स्कोर करते हुए भारत को गोल्ड दिलाया। एक टीवी चैनल से बात करते हुए श्रेयसी ने सफलता का श्रेय कोच, मां और बहन को दिया है। उन्होंने कहा कि मेरी मां ने तमाम परेशानियों के बाद भी पूरे जीवन मुझे सपोर्ट किया, जिसके चलते मैं आज कामयाब हो पाई हूं। श्रेयसी पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी है। जब श्रेयसी नौवीं क्लास में थी तो पिता से कहा था कि मैं भी शूटिंग करना चाहती हूं। बता दें कि साल 2010 में उनके पिता कॉमनवेल्थ गेम्स में गए थे जहां ब्रेन हेमरेज के चलते उनकी मौत हो गई थी।

    कोच की दी हुई ट्रेनिंग काम आई

    - श्रेयसी ने कहा कि कोच ने मुझे कड़ी ट्रेनिंग दी थी, जिसके चलते मैं कॉमनवेल्थ में अच्छा परफॉर्म कर पाई। मैं पहले सिल्वर जीत चुकी थी।

    - इस बार अधिक मेहनत की और कॉम्पटीशन भी काफी था। ऑस्ट्रेलिया की शूटर एम्मा काक्स को होम ग्राउंड होने के चलते फेवर था। पहले मैं नर्वस थी, लेकिन मेरी ट्रेनिंग काम आई।

    पिता का था ये सपना

    - साल 2014 में ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के दरौन श्रेयसी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बिहार के जमुई से 12 किमी दूर गिधौर में श्रेयसी का गांव है।

    - श्रेयसी के पिता स्व. दिग्विजय सिंह का ये सपना था कि उनके गांव में एक रायफल रेंज बने। दादा की भी इसमें रुचि थी, पिता कई साल तक नेशनल राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे थे।

    एमबीए की स्टूडेंट हैं श्रेयसी

    - बता दें कि साल 1991 में 29 अगस्त को श्रेयसी का जन्म हुआ था। उन्होंने हंसराज कॉलेज से बीए किया है। फिलहाल वे एमबीए कर रही हैं।

    - जब श्रेयसी नौवीं में थी, तब पिता से कहा कि मैं भी शूटिंग करना चाहती हूं। तो पिता ने कहा कि मैं ऐसे कोई सपोर्ट नहीं करूंगा, जिस तरह से दूसरे बच्चे आते हैं वैसे ही तुम योग्य हो, फिर कॉम्पिटीशन में पार्टिसिपेट करो। तब श्रेयसी ने अपने स्तर पर ही तैयारी की।

    - श्रेयसी अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच को देती हैं। उनके अनुसार कोच पीएस सोढ़ी ने उनकी टेक्निक सुधारी।

    - वे नेशनल चैम्पियनशिप में भी गोल्ड हासिल कर चुकी हैं। अब वे पिता के सपने को पूरा करने में लगी हैं।

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    श्रेयसी बिहार के जमुई की रहने वाली हैं।
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    श्रेयसी के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
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    श्रेयसी की मां पुतुल सिंह फिलहाल पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं।
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    श्रेयसी की मां पुतुल सिंह फिलहाल पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं।
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    निशाना लगातीं श्रेयसी सिंह।
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    साथी खिलाड़ी के साथ श्रेयसी।
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