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मर्म पर प्रहार करती हैं लघुकथाएं

एक वर्ष पहले
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बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में डॉ. ममता मेहरोत्रा, डॉ. सतीश राज पुष्करणा और डॉ. ध्रुब कुमार की लघु-कथाओं के साझा संकलन ‘नो एंट्री जोन’ का लोकार्पण हुआ। इसकी अध्यक्षता बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने की। उन्होंने कहा कि सुप्रसिद्ध कथा-लेखिका डॉ. ममता मेहरोत्रा की लघुकथाएं सीधे मर्म पर प्रहार करती है। उनकी लघुकथाओं में जीवन की कटु सच्चाइयां और समाज की पीड़ा अपनी पूरी संप्रेषणीयता के साथ सामने आती है। उन्होंने आगे कहा कि इस संकलन के तीनों ही रचनाकार कथा-साहित्य की इस लोकप्रिय विधा में अत्यंत निपुण और इसके रचना-विधान में पारंगत हैं। वरिष्ठ पत्रकार स्वयं प्रकाश ने कहा कि स्वार्थ और अहंकार के इस युग में तीन कथाकारों के साझा-संकलन का प्रकाशन अपने आप में एक स्वस्थ परंपरा की स्थापना है। मुख्य अतिथि और वरिष्ठ शायर डॉ. कासिम खुर्शीद ने कहा कि पिछले तीन-चार दशकों में कथा की इस विधा में बिहार ने अपना बड़ा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसमें डॉ. सतीशराज पुष्करणा के साथ ममता मेहरोत्रा और डॉ. ध्रुब कुमार का प्रशंसनीय अवदान है। इस दौरान डॉ. राधाकृष्ण सिंह, शायर समीर परिमल, हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटि के महासचिव सरदार महेंद्रपाल सिंह ‘ढ़िल्लन’, सम्मेलन के उपाध्यक्ष नृपेंद्रनाथ गुप्त, डॉ. कल्याणी कुसुम सिंह, लोकार्पित पुस्तक के रचनाकार डॉ. ममता मेहरोत्रा और डॉ. ध्रुब कुमार ने भी अपनी बातें रखीं। इस अवसर पर शायर रमेश कंवल, राज कुमार प्रेमी, डॉ. अर्चना त्रिपाठी, बच्चा ठाकुर, श्रीकांत सत्यदर्शी, डॉ. विनय कुमार विष्णुपुरी, मधुरेश नारायण, सिद्धेश्वर, विश्वनाथ वर्मा, संजू शरण, पंकज प्रियम, अमृता सिन्हा, प्रभात कुमार धवन, डॉ. कुमार गंगेश गुंजन, बांके बिहारी साव, बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता, गोपाल शर्मा, आनंद मोहन झा, सरदार त्रिलोकी सिंह, रूपक शर्मा, नीलेश्वर मिश्र, प्रभास चंद्र शर्मा आदि उपस्थित थे।

नीम से मिठास का वादा का लोकार्पण

सिटी रिपोर्टर| प्राच्य प्रभा की ओर से जमाल रोड स्थित माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में एक काव्य-संग्रह ‘नीम से मिठास का वादा’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस काव्य-संग्रह की लेखक रजनी श्रीवास्तव हैं। इसका लोकार्पण प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजकुमार पाण्डेय, गीतकार नचिकेता, केदार नाथ पांडेय, प्राच्य प्रभा के संपादक विजय कुमार सिंह और कवि श्रीराम तिवारी ने किया। केदार नाथ पांडेय ने इस काव्य-संग्रह के ‘भारत माता से’ कविता की चर्चा करते हुए कहा कि यह डॉलर कामी दस्युओ की तरह आज के पूंजीवादी व्यवस्था को समझने में मदद करती है। कवि श्रीराम तिवारी ने कहा कि यह काव्य-संग्रह कड़वाहट से भरे इस समय में मिठास का वादा करना मृग की तरह एक नई छलांग लगाने का उपक्रम है। डॉ. महामाया प्रसाद विनोद ने कहा कि नीम से मिठास का वादा वही कर सकता है, जो दृढ़-संकल्पित है। गीतकार नचिकेता ने कहा कि लेखक ने अपनी कविताओं में रूपक गढ़ा है। इस दौरान विजय कुमार सिंह, जयप्रकाश विश्वविद्यालय की डीन डॉ. सुधावाला, डॉ. ब्रजकुमार पांडेय आदि ने भी अपनी बातें रखीं। संचालन संजीव कुमार श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन ज्योति भूषण श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार सिहं, विनोद कुमार, सरदार जोगिंदर सिंह, कपिल देव वर्मा, अनीश अंकुर, आदित्य, अंकिता, डॉ. मीणा कुमारी सिन्हा, नूतन, आनंद, देव आनंद आदि उपस्थित थे।

नीम से मिठास का वादा का लोकार्पण करते साहित्यकार व लेखक।
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