पटना / एसटीईटी पास को अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में वरीयता देने पर विचार

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 02:50 AM IST


विधानसभा प्रवेश द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते विपक्षी दलों के सदस्य। विधानसभा प्रवेश द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते विपक्षी दलों के सदस्य।
X
विधानसभा प्रवेश द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते विपक्षी दलों के सदस्य।विधानसभा प्रवेश द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते विपक्षी दलों के सदस्य।
  • comment

  • मंत्री बोले, सुप्रीम कोर्ट में है शिक्षक नियोजन का मामला, हम कुछ नहीं कर सकते

पटना. सरकार अतिथि शिक्षकों के नियोजन में एसटीईटी पास अभ्यर्थियों को वरीयता देने पर विचार करेगी। शिक्षा मंत्री ने सदन में यह आश्वासन दिया। राजद के आलोक मेहता, भोला यादव, अख्तरुल इस्लाम शाहीन व विजय प्रकाश ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से वर्ष 2011-12 में पास एसटीईटी उत्तीर्ण लोगों की वैधता अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। मंत्री ने कहा कि शिक्षक नियोजन का पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। वे इस संबंध में कुछ नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस मामले में सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने सकारात्मक पहल का भी आश्वासन दिया। आलोक मेहता ने कहा कि इन अभ्यर्थियों की वैधता सात वर्षों के लिए ही है और वह इस साल 31 मार्च को खत्म हो जाएगा।


352 विकास मित्रों की होगी नियुक्ति : सदन में एससी-एसटी कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव ने बताया कि 352 विकास मित्रों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में 9875 विकास मित्रों के स्वीकृत पद हैं, जिनमें 9523 पदों पर विकास मित्र कार्यरत हैं। शेष 352 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें 10 हजार मानदेय मिलता है। इसमें बढ़ोतरी की फिलहाल कोई योजना नहीं है। शिवचंद्र  राम ने तारांकित सवाल के माध्यम से इनके मानदेय में वृद्धि की मांग की थी।


पालीगंज विद्यालय का भवन तैयार : शिक्षा मंत्री ने बताया कि पटना के पालीगंज प्रखंड स्थित प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय का भवन बन चुका है। मधेपुरा के मुरलीगंज प्रखंड स्थित परसा ग्राम के रामसुंदर उच्च विद्यालय में कमरों की कमी दूर करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

फर्जी दाखिला मामले में गड़बड़ी की जांच करेंगे शिक्षा विभाग के निदेशक : राज्य में साढ़े 14 लाख फर्जी दाखिला मामले की जांच शिक्षा विभाग के निदेशक करेंगे। जांच रिपोर्ट की विभाग के प्रधान सचिव समीक्षा करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को सदन में यह निर्देश दिया। उनके निर्देश के तत्काल बाद शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने इसकी जांच करवाने की घोषणा की। राजद के ललित यादव ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से आरोप लगाया था कि राज्य में साढ़े 14 लाख फर्जी दाखिला का मामला आधार से पकड़ा गया। फर्जी नामांकन दिखलाकर प्रधानाध्यापकों द्वारा करोड़ों का गबन किया गया है।

 

2005 के पहले की सरकार को अशोक चौधरी ने कोसा तो राबड़ी ने कहा- आप भी तो शामिल थे : राजद के सदस्यों की टोकाटोकी के बीच विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण मंगलवार को चर्चा हुई। शुरुआत जदयू के डॉ. अशोक चौधरी ने की। सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। 2005 के पहले की सरकार को कोसने पर विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने टोका- कांग्रेस के नाते आप भी तो तब शामिल थे। भाजपा के कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि अब बिजली युग आ गया है। लालटेन युग गया। लालटेन की बिक्री भी नहीं हो रही है। इस पर राजद के सुबोध कुमार ने कहा- आप भी लालटेन की रोशनी में ही पढ़ कर आए हैं। जदयू की रीना देवी ने दंगल फिल्म की चर्चा की और कहा- सरकार न्याय के साथ सबका विकास कर रही है। पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का ही नतीजा है कि मैं यहां हूं। आज मैं राजू यादव की पत्नी नहीं अपने नाम से पहचानी जाती हूं। महिला सशक्तीकरण के साथ ही पढ़ाई से लेकर नौकरी तक में आरक्षण दिया गया। शराबबंदी से समाज के सभी वर्गों को लाभ हुआ है। राज्यपाल के अभिभाषण पर बुधवार को भी होगी।

 

सदन बाधित न करने की स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से की अपील, कहा- सरकार की न करें मदद : विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी सदस्यों से सदन स्थगित करवा कर सरकार की मदद न करने का आग्रह किया। मंगलवार को सदन के शांतिपूर्ण संचालन से प्रसन्न अध्यक्ष ने कहा कि सदन को शांतिपूर्ण चलाकर ही सरकार को घेरा जा सकता है। इसे बाधित न करें। विपक्षी सदस्य आज पूरी तरह अनुशासित थे और उन्होंने प्रश्नकाल में सरकार को जमकर घेरा भी। हालांकि, इसके पहले माले सदस्यों ने सदन के अंदर जमकर हंगामा किया और वेल में आकर नारेबाजी भी की। वे न्यूनतम मजदूरी को लेकर आपत्ति जता रहे थे। पर, राजद के मनाने पर वे भी अपनी सीट पर बैठ गए। 


वर्ष 2018-19 के 10 हजार करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक भी विधानसभा में पेश : उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के तृतीय अनुपूरक भी विधानसभा में पेश किया। इसके लिए प्रस्तावित राशि 10153 करोड़ करोड़ रुपए है, जिसमें वार्षिक स्कीम मद में 4741 करोड़ और स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में 5023.33 करोड़ और केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के मद में 389.39 करोड़ प्रस्तावित है।

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें