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छात्र ने कॉपी में लिखी कहानी, टीचर ने दिखाई दरियादिली और कर दिया 1st डिवीजन पास

रिजल्ट पेंडिंग नहीं होता तो छात्रों की कॉपियों पर शिक्षकों द्वारा दिखाई गई दरियादिली सामने नहीं आती।

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 05:09 AM IST
टीएमबीयू में बुधवार को भी पेंड टीएमबीयू में बुधवार को भी पेंड

भागलपुर. (बिहार) टीएमबीयू में ग्रेजुएशन पार्ट टू का रिजल्ट पेंडिंग नहीं होता तो छात्रों की कॉपियों पर शिक्षकों द्वारा दिखाई गई दरियादिली सामने नहीं आती। यहां सिंडिकेट हॉल में चल रहे पेंडिंग सुधार के काम के दौरान समाजशास्त्र के एक ऐसे छात्र की कॉपी मिली, जिसने एक सवाल के जवाब में कहानी लिखी थी। हैरानी तो इस बात की है कि मूल्यांकन करने वाले शिक्षक ने उसे फर्स्ट डिवीजन के मार्क्स तक दे दिए। बता दें पेंडिंग रिजल्ट को लेकर छात्र और विवि दोनों ही परेशान हैं। लेकिन इस दौरान कुछ ऐसी चीजें भी सामने अा रही हैं जो छात्रों के ज्ञान की खस्ता हालत तो बयां करती ही है, साथ ही शिक्षकों की ईमानदारी और विषय की जानकारी पर सवाल खड़े करते हैं।

पहले भी हो चुकी है ऐसी गड़बड़ी
- यह पहला माैका नहीं है जब टीएमबीयू में इस तरह की धांधली पकड़ी गई है। इससे पहले पीजी समाजशास्त्र के रिजल्ट में एक छात्र को फिल्म बाहुबली टू की कहानी लिखने पर फर्स्ट क्लास के अंक दे दिए गए थे। यह खुलासा खुद छात्र ने किया था।

- अब स्नातक पार्ट टू का पेंडिंग दूर करने के लिए जब संबंधित छात्रों की कापियां मंगाई गईं तो उसी तरह के मामले सामने आ रहे हैं। यही नहीं, इन कापियों के मूल्यांकन के बाद जो टेबुलेशन किया गया है, उसमें भी ओवर राइटिंग की गई है।

- सूत्राें ने बताया कि ऐसे मामले ज्यादातर समाजशास्त्र और दर्शनशास्त्र की कापियों में मिले हैं। हालांकि रिजल्ट सुधारने के काम में जुटे लोगों ने छात्रों का नाम नहीं बताया।

- वहीं, प्रतिकुलपति प्रो. रामयतन प्रसाद ने कहा है कि शिकायत मिली है। पहले पेंडिंग के मामले दूर करना जरूरी है, क्योंकि छात्रों को पार्ट थ्री का परीक्षा फॉर्म भरना है। इसके बाद इन मामलाें को देखा जाएगा।

उधर, फुल मार्क्स से दे दिए ज्यादा नंबर
- वहीं, टीएनबी कॉलेज के बीसीए के तीसरे सेमेस्टर के जारी रिजल्ट में छात्र सौरभ कुमार छोटू को फुल मार्क्स 80 के बावजूद 83 अंक देने के मामले में संबंधित शिक्षक ने इस गड़बड़ी को चूक बताते हुए हास्यास्पद दलील दी है।
- शिक्षक ने कहा है कि वह 5 को ऐसे लिखते हैं जो 8 की तरह दिखता है। टेबुलेशन में छात्र का अंक बैठाते समय यही हुआ और 53 अंक 83 बन गया।
- शिक्षक की यह दलील खुद उनके काम पर सवाल खड़ी करती है कि अगर सच में वह 5 ऐसे लिखते हैं जो 8 की तरह दिखता है तो अब तक उन्होंने जितने टेबुलेशन किए होंगे, क्या उनमें जहां-जहां उन्होंने 5 लिखा होगा वह 8 की तरह दिखता था?
- अगर ऐसा हुआ होगा तो और अन्य छात्रों के रिजल्ट में भी 5 की जगह 8 होगा और नहीं तो सिर्फ सौरभ कुमार छोटू के रिजल्ट में यह गड़बड़ी क्यों हुई?
- हालांकि प्रतिकुलपति प्रो. रामयतन प्रसाद ने बताया कि उन्होंने छात्र का रिजल्ट ठीक करवा दिया है और शिक्षक को ढंग से टेबुलेशन करने की हिदायत दी है।

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