अदालत ने कहा- विरोध करने पर 34 लड़कियों को पीटा, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
त्रिवेणीगंज के सदर अस्पताल में भर्ती कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं। - Dainik Bhaskar
त्रिवेणीगंज के सदर अस्पताल में भर्ती कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं।
  • लड़कियों का आरोप- पड़ोस के स्कूल के छात्र उन पर अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे
  • लड़कियों ने लड़कों को पीटकर खदेड़ा, मौके पर पहुंचे परिवार वालों ने लड़कियों को पीटा
  • 34 लड़कियां अस्पताल में भर्ती, 2 को गंभीर चोटें

नई दिल्ली. बिहार के सुपौल में 34 स्कूली छात्राओं की पिटाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा- ये जो अखबारों में खबरें आ रहीं हैं वे ठीक नहीं हैं। लड़कियों के कंकाल मिल रहे हैं, 34 लड़कियों को इसलिए पीटा गया क्योंकि वे खुद को छेड़खानी से बचाने की कोशिश कर रही थीं। आप बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं? इस तरह की समस्याएं दिन-रात बढ़ती जा रही हैं।

1) 4 महिलाओं समेत 9 गिरफ्तार

यह मामला सुपौल जिले के दरपखा गांव के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का है। घटना शनिवार शाम की है। इस मामले में चार महिलाओं समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें पांच लड़के नाबालिग बताए जा रहे हैं।

लड़कियों का आरोप है कि पड़ोस के स्कूल के कुछ छात्र स्कूल की दीवार पर अश्लील बातें लिखते थे। शनिवार को जब मैदान में खेल रही थीं तब उन पर अश्लील टिप्पणियां करने लगे। विरोध करने पर उनकी झड़प हो गई। उन्होंने लड़कों को पीटकर वहां से खदेड़ दिया।

लड़कों के परिवारवालों को बात पता चली तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर लड़कियों से मारपीट कर दी। 34 लड़कियों को जख्मी हालत में अनुमंडल अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती कराया गया, जहां से तीन छात्राओं को सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया।

सुपौल कलेक्टर बैद्यनाथ यादव ने न्यूज एजेंसी को बताया कि दोनों स्कूल एक ही परिसर में हैं, लेकिन खेल का मैदान एक ही है।

खबरें और भी हैं...