सीवरेज नेटवर्क का काम समय पर पूरा हाेने में संदेह

Patna News - नमामि गंगे प्रोजेक्ट अपनी रफ्तार से चल रहा है, यह दावा है निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों का। एलएंडटी व अन्य...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 09:26 AM IST
Patna News - suspicion of completion of sewerage network on time
नमामि गंगे प्रोजेक्ट अपनी रफ्तार से चल रहा है, यह दावा है निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों का। एलएंडटी व अन्य कंपनियां लगातार दावा कर रही हैं कि उनके कार्य अपनी गति से चल रहे हैं। लेकिन, मेयर सीता साहू का कहना है कि एजेंसियां अपनी प्रगति रिपोर्ट से निगम प्रशासन को अवगत नहीं करा रही हैं। काम कितना पूरा हुआ, किसी को जानकारी नहीं है। सितंबर के आखिरी दिनों की बारिश के बाद भी मेयर ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट को लेकर सवाल खड़े किए थे। हकीकत यह है कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत जिस प्रकार से काम हुआ, उसने ड्रेनेज के पुराने स्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचाया है।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहला प्रोजेक्ट बेउर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का पूरा होना था। इसी साल दिसंबर में इस प्रोजेक्ट को पूरा होना है। लेकिन, प्रोजेक्ट स्थल पर मौजूद इंजीनियरों का कहना है कि अभी इसमें देर होगी। बेउर में 43 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। एसटीपी बेउर इलाके के लोगों के घरों से निकलने वाले पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए नेटवर्क तैयार करने का कार्य भी मार्च 2020 तक पूरा होना है। लेकिन, इस योजना के तहत लोगों के घरों से मुख्य सीवर लाइन को जोड़ने का कार्य भी अभी तक तेज नहीं हो सका है। लोकसभा चुनाव से पहले से ही इस कार्य की गति धीमी है। प्रोजेक्ट में लगे इंजीनियरों का कहना है कि मेन लाइन में कुछ स्थानों पर पाइप बिछाने में आ रही दिक्कत के कारण परेशानी हो रही है। अभी तक करीब 30 फीसदी घरों के पास तक चैंबर बनाए जा सके हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि लोगों के घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर बह रहा है। बिना बारिश बेउर मेन रोड में अभी भी आधा से एक फीट तक पानी कई स्थानों पर लगा दिख रहा है। नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार भी इस स्थिति को मान रहे हैं। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में यहां से पानी शक मशीन के जरिए हटाया गया, पर सीवरेज नेटवर्क बनाने के चक्कर में पुराना ड्रेन चॉक कर गया और पानी सड़क पर जमा हो रहा है।

सैदपुर में अभी 30 से 32 फीसदी घरों तक ही बिछाया जा रहा है सीवर लाइन

सैदपुर में भी स्थिति लगभग इसी प्रकार की है। 30 से 32 फीसदी घरों तक ही सीवर लाइन बिछाया जा रहा है। यहां 184.93 करोड़ की लागत से 60 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व नेटवर्क का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य को इसी साल दिसंबर में पूरा होना था। राजेंद्रनगर से लेकर सैदपुर तक के लोगों का कहना है कि इस कार्य को समय पर पूरा कराना संभव नहीं दिखता है। हालांकि, सैदपुर सीवरेज नेटवर्क के दूसरे प्रोजेक्ट को 2021 तक पूरा होना है। इसके तहत छह एमएलडी का एसटीपी और नेटवर्क का निर्माण होना है। इसके अलावा पहाड़ी व करमलीचक में एसटीपी व सीवर नेटवर्क के निर्माण योजना को लेकर कार्य काफी धीमा है। निगम प्रशासन का कहना है कि इन परियोजनाओं के निरीक्षण व समीक्षा की जिम्मेदारी मिले, तो वास्तविक स्थिति का पता लग सकता है। नगर विकास विभाग के स्तर पर भी इन परियोजनाओं की समीक्षा नहीं हो पा रही है।

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