ग्लूकोमा से बचने के लिए विटामिन ए का करें सेवन
विश्वभर में 8 से 14 मार्च तक वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक सेलिब्रेट किया जा रहा है। शनिवार को इस वीक का अंतिम दिन था। ग्लूकोमा आंख की बीमारी है, जिसे आम भाषा में कालामोतिया या फिर कालापानी भी कहा जाता है। डॉक्टर्स की मानें तो मोतियाबिंद के बाद अंधता का दूसरा बड़ा कारण कालामोतिया ही है। इसी विषय पर सिटी भास्कर से एएसजी आई हॉस्पिटल के नेत्र-रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने बातचीत की। वे बताते हैं, ग्लूकोमा साइलेंट किलर है। शुरुआत में पेशेंट्स को इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। सही समय पर इसकी पहचान हो जाए, तो इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। वे कहते हैं, कॉमन होने के कारण मोतियाबिंद को ऑपरेशन से आसानी से ठीक किया जा सकता है, लेकिन ग्लूकोमा में आंखों की जो नस एक बार खराब हो जाती है, उसे दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता। ग्लूकोमा में आंख की दृष्टि वाली नस पर दबाव पड़ने के कारण वह सूख जाती है।
वे बताते हैं, उनके हॉस्पिटल में हजार से अधिक बीपीएल कार्ड-धारकों का फ्री ऑफ कॉस्ट ट्रीटमेंट किया जा चुका है। उन पेशेंट्स को भी वही डॉक्टर देखते हैं, जो बाकी पेशेंट्स का उपचार करते हैं। उन्होंने बताया, इस हॉस्पिटल की कुल 29 ब्रांच हैं, जिसमें बिहार में तीन हैं।
ऐसे आंख का रखें ख्याल :
विश्वभर में कोरोना वायरस को लेकर लोग आशंकित है। हर कोई इस बीमारी से बचने का उपाय ढूंढ़ रहा है। इससे बचने के लिए लोग कह रहे हैं कि आप अपने आंख, मुंह, नाक को बिना हाथ धोए नहीं छुएं। वे कहते हैं, आंख हो या नाक, संक्रमण का खतरा हमेशा है। ऐसे में आप विटामिन ए का सेवन करें। ओमेगा थ्री फैटी एसिड लें।