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लक्ष्य पर निशाना, तमन्ना बिहार के लिए मेडल लाना

एक वर्ष पहले
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जेडी वीमेंस कॉलेज की छात्राएं इन दिनों धनुष पकड़ निशाने पर तीर मार रही हैं। जेडी वीमेंस पहला महिला कॉलेज है जहां की छात्राएं अन्य स्पोट‌्‌र्स के साथ आर्चरी की ट्रेनिंग ले रही हैं। कॉलेज में खो-खो, कबड्‌डी, कराटे और अन्य स्पोट‌्‌र्स के साथ छात्राओं को आर्चरी सीखने का मौका मिल रहा है। स्पोट‌्‌र्स में रुचि रखने वाली छात्राओं को कॉलेज में कई विकल्प मिले हैं। आर्चरी में छात्राओं के रुझान को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने इसकी शुरुआत की है। कॉलेज में फंड नहीं होने के कारण आर्चरी के ट्रेनर सरोज कुमार ने फिलहाल छात्राओं के लिए आर्चरी किट मुहैया करवाई है। छात्राएं दोपहर एक बजे से आर्चरी सीखती हैं। स्पोर्ट्स इंचार्ज शांता झा ने कहा कि कॉलेज में खेल का मैदान और फंड न होते हुए भी छात्राओं के लिए हम इसे शुरू कर रहे हैं। सरकार को ध्यान देने की जरूरत हैं ताकि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। ट्रेनर सरोज कुमार फिलहाल 25 छात्राओं को आर्चरी के बेसिक तकनीक के बारे में बता रहे हैं। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. श्यामा राय ने कहा कि कॉलेज में कई टैलेंटेड छात्राएं हैं। उन्हें सही ट्रेनिंग मिले तो वे नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियन बन सकती हैं। छात्राएं हर खेल में मेडल लेकर आती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए छात्राओं के लिए आर्चरी की ट्रेनिंग शुरू की गई है। इससे भाग लेने वाले खिलाड़ियों में एकाग्रता बढ़ती है।

बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार से मदद की अपील

ट्रेनर सरोज कुमार 25 छात्राओं को आर्चरी के बेसिक तकनीक सीखा रहे हैं।
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