पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Siwan News Teachers Will Do Water Satyagraha On 13th Even If This Does Not Happen You Will Not Be Averse To Taking Water Supply

13 को जल सत्याग्रह करेंगे शिक्षक, इससे भी बात नहीं बनी तो जलसमाधि लेने से भी नहीं करेंगे गुरेज

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के तत्वावधान में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के शिक्षक 25वें दिन भी गुरुवार को हड़ताल पर रहे। इससे पाठन- प्रभावित रहा। सभी प्रखंडों में बीआरसी के सामने धरना दिया गया। शहर के गांधी मैदान में धरना की अध्यक्षता सुधीर कुमार शर्मा ने की। संचालन राजीव रंजन तिवारी ने किया। राकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस हड़ताल से सरकार में खलबली मची हुई है। राजीव रंजन तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के इस हड़ताल एवं आंदोलन से भयभीत होकर आनन फानन में नियम विरुद्ध पत्र निकालने का काम कर रही है। होली में वेतन न देना उसी में से एक है। सुधीर शर्मा एवं वसी अहमद गौसी ने शिक्षकों से आह्वान किया कि अब मंज़िल दूर नहीं है, सफलता बहुत नजदीक है। इसलिए सभी शिक्षक धरना स्थल पर पहुंच कर अपने आवाज को बुलंद करें। शिक्षक नेता राधेश्याम यादव एवं सतीश श्रीवास्तव ने सरकार से अड़ियल रुख त्याग कर शिक्षकों से अविलंब वार्ता कर मांगों को पूरा करने की अपील की। धरना को संबोधित करने वालों में बुलेट सिंह, गौतम मांझी, ललन यादव, शैलेंद्र पांडेय, नंदा गिरि, विनोद कुमार, नंदकिशोर वर्मा, प्रताप कुमार, अशद रेयाज, अभिषेक कुमार, रामविलास सिंह, अमित कुमार, अजय कुमार, पंकज कुशवाहा, नंद साह आदि थे।

आनेवाले समय में शिक्षक भी देंगे सरकार को जवाब

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के 25वें दिन गुरूवार को गोरेयाकोठी प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी पर हड़ताली शिक्षकों ने धरना दिया। शिक्षक नेता सरफराज अहमद ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं की जायगी तबतक हड़ताल जारी रहेगी। उनहोंने सरकार से समान काम समान वेतन के अलावा राज्य कर्मियों को मिलने वाले तमाम तरह की सुविधा देने की मांग की है। शिक्षक नेता नागेन्द्र प्रसाद कहा कि शिक्षकों की होली फिकी हुई है। शिक्षक भी आने वाले समय पर सरकार को जबाब देगें।

गोरेयाकोठी बीआरसी के पास दिए गए धरने में शामिल शिक्षक

मातृत्व अवकाश में भी बरती गई कोताही

पचरुखी प्रखंड के बीआरसी के समक्ष हड़ताली शिक्षकों ने योगेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में धरना दिया। जयप्रकाश सिंह ने कहा कि एक शिक्षक भविष्य की पीढ़ियों का निर्माता होता है। वह अपने बच्चों को एक समान शिक्षा देते हुए उनको समानता का पाठ पढ़ाता है। उसी शिक्षक को एक ही छत के नीचे असमान वेतन और बिना किसी सेवाशर्त के सरकार द्वारा शोषण किया जाता है। पूनम कुमारी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण का राग अलापने वाली सरकार में ऐसी शिक्षा की नीति है जहां पर शिक्षिकाओं को ससुराल अथवा नौकरी में से किसी एक को चुनना पड़ रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत मातृत्व अवकाश 180 के बजाय 135 दिनों का दिया जाता है। धरने में मुन्ना कुमार, आतिश कुमार, शाहिद आलम,जय कुमार, राजीव गुप्ता, सुजीत कुमार ने संबोधित किया। इस मौके पर मिथिलेश कुमारी, निर्मला सिंह, प्रतिमा ,भूपेश कुमार, संतोष कुमार धर्मेंद्र सिंह सहित सैंकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।

गुरु का मजाक उड़ाना पड़ेगा महंगा

लकड़ी नबीगंजप्रखंड मुख्यालय के बीआरसी भवन के समक्ष सदस्य मोतीलाल प्रसाद की अध्यक्षता में सभी शिक्षकों ने एक स्वर में सरकार के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। शिक्षकों ने निर्णय लिया कि 13 मार्च को सभी शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा जल सत्याग्रह करेंगे। अगर, सरकार इससे भी अगर हमारी मांगों को जल्द से जल्द नहीं मानती है तो हम सभी शिक्षक जल समाधि लेने के लिए भी तैयार हैं। लेकिन, अपने मांगों से पीछे नहीं हटने वाले हैं। चाहे सरकार मेरे प्रति जो कुछ भी कर ले गुरु का मजाक उड़ाना सरकार को बहुत बड़ा महंगा पड़ेगा। हड़ताल को और धारदार बनाने में प्रखंड शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष बृज किशोर राय, सचिव संतोष कुमार ,संजेश कुमार आलोक सिंह, मोहम्मद सोहेल, पंकज कुमार, रमेश कुमार ,नीतीश कुमार, हरीकिशोर राय ,मोहम्मद नूर आलम ,मुन्ना सिंह ,मोहम्मद अमानुल्लाह, अलका कुमारी ,पुष्पांजलि कुमारी, साजिदा परवीन, दीपमाला कुमारी आदि थे।

कहा-होली जैसे त्योहार पर वेतन नहीं देना दर्शाता है कि शिक्षकों के प्रति कैसी है राज्य सरकार की सोच

कलेक्ट्रेट के पास धरना देते माध्यमिक शिक्षक।

मांगों को लेकर जिले के नबीगंज प्रखंड में धरना प्रदर्शन करते शिक्षक।
खबरें और भी हैं...