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  • The Tejasvi Yadav will meet governer at one o'clock. After this, the RJD and Congress workers will give a rally in front of the Raj Bhawan.
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बिहार में कर्नाटक इफेक्ट: राज्यपाल से मिलने जाएंगे तेजस्वी, करेंगे सरकार भंग करने की मांग

तेजस्वी यादव राज्यपाल एक बजे मुलाकात करेंगे। इसके बाद राजद और कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन के सामने धरना देंगे।

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 10:48 AM IST
राज्यपाल सत्यपाल मलिक को ज्ञा राज्यपाल सत्यपाल मलिक को ज्ञा

पटना. कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को आरजेडी धरना-प्रदर्शन कर रही है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आरजेडी और कांग्रेस के विधायकों के साथ राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने राजभवन गए। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

राजभवन से बाहर आकर तेजस्वी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मिलकर हमने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हमारी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है। कांग्रेस के साथ हमारा प्री इलेक्शन सबसे बड़ा ब्लॉक है। राज्यपाल ने पूरी गंभीरता से हमारी बातों को सुना है। उन्होंने फैसला लेने के लिए समय मांगा है। अब राज्यपाल के फैसले के बाद ही हम आगे की रणनीति तय करेंगे। कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में भी आरजेडी को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। हमारे साथ कांग्रेस, हम और माले के विधायक हैं। अगर हमें सरकार बनाने का न्योता मिलता है तो आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे।

जदयू के कई विधायक हैं संपर्क में
तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की बात नहीं करते। जब से वह बीजेपी के साथ गए हैं इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। इसके लिए जनता नाराज है। जदयू के विधायकों में नाराजगी है। वे बीजेपी के साथ असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें डर है कि चुनाव में टिकट मिलेगा या नहीं। जदयू के काफी लोग हमारी संपर्क में हैं। कुछ दिनों में ये लोग खुलकर सामने आ सकते हैं। कई लोगों के आरजेडी में शामिल होने की बात चल रही है। एनडीए में पहले भी टूट हुई है। हम पार्टी एनडीए का हिस्सा थी। वह अलग हो गई। सरफराज आलम जदयू के विधायक थे, उन्होंने आरजेडी ज्वाइन कर लिया।

मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। बिहार में जनता ने बीजेपी को हराया था। वह तीसने नं. की पार्टी थी। नीतीश ने चोर दरवाजे से बीजेपी को सत्ता में ला दिया। रात को मैं परेड कर आया था। राज्यपाल ने मुझे ओथ के बाद का समय दिया। बाद में जल्दीबाजी में सीएम को शपथ दिलाई गई। जब मैंने मिलने की कोशिश की तो वह बीमार पड़ गए। इसके बाद तेजस्वी गर्दनीबाग के धरना स्थल पर गए। यहां आरजेडी के धरना में तेजस्वी बैठे।

जेडीयू ने राजद पर कसा तंज, कहा- तेजस्वी को अंक गणित की जानकारी नहीं
जेडीयू ने तेजस्वी यादव के राज्यपाल से मिलने और सरकार बनाने के दावे को लेकर कहा कि तेजस्वी 9वीं पास हैं। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी को अंक गणित की जानकारी नहीं है। सरकार बनाने में संख्या बल का मामला होता है और महामहिम राज्यपाल का स्वविवेक होता है। विधानसभा का कार्य संचालन नियमावली होती है। बहुमत सिद्ध करने कि प्रक्रिया होती है। इसका अवलोकन करने के बाद भी अगर तेजस्वी यादव राज्यपाल के पास जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं।

लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस प्रवचन नहीं दे: बीजेपी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कर्नाटक के मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस प्रवचन नहीं दे। कर्नाटक के राज्यपाल ने अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करते हुए चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका देने का निर्णय कई मामलों में दिया है। भाजपा जब तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और केरल में सरकार नहीं बना लेती, तब तक चैन से नहीं बैठने वाली है। 2019 के लोकसभा चुनाव के बारे में बताया कि भाजपा और मजबूत होकर उभरेगी।

2015 के चुनाव में किसे मिली थी कितनी सीट
कुल सीट-243
आरजेडी- 80
जेडीयू- 71
एनडीए- 58
कांग्रेस- 27


नोट- चुनाव से पहले आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस का गठबंधन था। महागठबंधन के 178 विधायकों के समर्थन से नीतीश कुमार सीएम बने, लेकिन आरजेडी से टकराव के चलते 22 माह बाद ही जदयू गठबंधन से अलग हो गई। जदयू ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बना ली।

फोटो- शेखर

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