बच्चों ने पूछा-पेड़ न होगा तो जीयोगे कैसे? पानी न होगा तो पीयोगे कैसे?

Patna News - आओ-आओ कथा सुनो..अपने जीवन की व्यथा सुनो..धरती कैसे नरक बनी है..जिंदगी कैसे नरक बनी है। पेड़ न होगा तो जीयोगे कैसे..पानी न...

Nov 18, 2019, 09:20 AM IST
आओ-आओ कथा सुनो..अपने जीवन की व्यथा सुनो..धरती कैसे नरक बनी है..जिंदगी कैसे नरक बनी है। पेड़ न होगा तो जीयोगे कैसे..पानी न होगा तो पीयोगे कैसे..धरती न होगी तो रहोगे कहां? यह सवाल जयपुरिया स्कूल के बच्चों ने रविवार को सीआरडी पटना पुस्तक मेला में आए लोगों से नुक्कड़ नाटक के जरिए पूछा। इसमें 27 बच्चों ने भाग लिया। सभी ने मेला के थीम ‘पेड़, पानी, जिंदगी’ को दर्शाया। संचालन स्कूल की प्रिंसिपल पूनम सिंह ने किया। यहां ‘मिट्‌टी का माधो' की भी प्रस्तुति हुई। इस नाटक के जरिए कलाकारों ने मजदूरों के जीवन की त्रासदी, बदहाली और शोषण को बहुत ही मार्मिक ढंग से दर्शाया। सूत्रधार संस्था की ओर से प्रस्तुत नाटक के लेखक और निर्देशक उदय कुमार हैं। मेला परिसर में शेमरॉक किड्स स्कूल की ओर से चित्रांकन प्रतियोगिता और फन गेम भी आयोजित हुआ।

बच्चों की देखभाल' पर हुई चर्चा

पटना पुस्तक मेला और थिंकर्स एंड फिलर्स की ओर से ‘आधुनिक जीवनशैली और बच्चों की देखभाल' विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया। एसपी कांतेश मिश्रा ने कहा कि हमें मातृभाषा बोलने में शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए। इसमें एडीजी सिविल डिफेंस कुंदन कृष्णन, पटना ग्रामीण एसपी कांतेश मिश्रा, जयपुरिया स्कूल की डायरेक्टर अनुपम सिंह, संजय जोसेफ, स्टेला पॉल शाह, परमाणु वैज्ञानिक वंदना झा, टेक महिंद्रा के पूर्व उपाध्यक्ष दिलीप झा, लैपिन चुरा की सह संस्थापक अंकिता मॉनेट ने भाग लिया।

सरकार लोक हित में करे काम

प्रभात प्रकाशन के बाहर वरिष्ठ पत्रकार कुमार दिनेश की सद्य: प्रकाशित पुस्तक ‘गठबंधन राजनीति में बिहार, डबल इंजन की सरकार' का उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही दोबारा सरकार सत्ता में आती है। कहते हैं, पत्रकार की लिखी हुई किताब नई पीढ़ी के लिए बहुत फायदेमंद है। इस ‌अवसर पर प्रभात प्रकाशन के निदेशक पीयूष कुमार मौजूद रहे।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और आशुतोष राणा की किताबों के साथ ये किताबें खूब बिक रहीं

सिटी रिपोर्टर| प्रभात प्रकाशन के सेल्स रिप्रेजेंटेटिव अमित शर्मा ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की अग्नि की उड़ान, आशुतोष राणा की मौन मुस्कान की मार और धनेश्वर प्रसाद की शराबबंदी एक फौलादी फैसला सबसे ज्यादा बिक रही है। राजकमल प्रकाशन के पटना ब्रांच के मैनेजर वेद प्रकाश ने बताया कि रवीश कुमार की बोलना ही है, कुमार विश्वास की फिर मेरी याद, उषा उत्थुप की बायोग्राफी उल्लास की नाव हॉट सेलिंग बुक रही। उल्लास की नाव के लेखक विकास कुमार झा हैं। वाणी प्रकाशन के सेल्स मैनेजर राहुल कुमार ने बताया कि अरुण सिंह की पटना खोया हुआ शहर, प्रवीर कुमार झा की कुली लाइंस, नरेंद्र कोहली को महा समर, दिलीप कुमार की आत्मकथा वजूद और परछाई एवं कमलेश की दक्खिन टोला खूब बिक रही है।

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