दरौली के नेपुरा हत्याकांड में मृतक के बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि / दरौली के नेपुरा हत्याकांड में मृतक के बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि

Patna News - पोस्टमार्टम के बाद मृतक मुरली पांडेय का अंतिम संस्कार शनिवार को डुमरहर घाट पर कर दिया गया। गमगीन महौल मे मृतक के...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2018, 03:15 AM IST
Guthni - the eldest son of the deceased in the nepali massacre of darauli
पोस्टमार्टम के बाद मृतक मुरली पांडेय का अंतिम संस्कार शनिवार को डुमरहर घाट पर कर दिया गया। गमगीन महौल मे मृतक के बड़ा बेटा अमरनाथ पांडेय द्वारा पिता को मुखाग्नि दिया गया। घटना के दूसरे दिन नेपुरा गांव मे मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गौरतलब है कि गत शुक्रवार को थानक्षेत्र के नेपुरा गांव मे दो पक्षों के बीच भूमि विवाद मे एक पक्ष सनोज पांडेय द्वारा दूसरे पक्ष के मुरली पांडेय को गोली मार दिया गया। जिससे मुरली पांडेय घायल हो गए। परिजन इलाज के लिए सिवान ले जाने के क्रम मे रास्ते मे ही मौत हो गई। शुक्रवार को देर शाम मे पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव घर पहुंचा लेकिन परिजन शनिवार को मृतक मुरली पांडेय का अंतिम संस्कार किया। वहीं नेपुरा गांव मे आक्रोश को देखते हुए घटना के दूसरे दिन मैरवा प्रभाग के आरक्षी निरीक्षक अरविंद कुमार, गुठनी थानाध्यक्ष दिलीप कुमार सहित महिला व पुरुष पुलिस बल के साथ कैंप किया गया है। जबकि घटना के दूसरे दिन हत्यारोपी सनोज पांडेय को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। हत्यारोपी के घर ताला लटका हुआ। इस संबंध मे मैरवा प्रभाग के आरक्षी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक परिजन द्वारा प्राथमिकी के लिए आवेदन नहीं दिया गया हैं।

मुरली की हत्या की नींव एक माह पहले पड़ी थी

थानक्षेत्र के नेपुरा गांव मे एक माह पहले ही इस हत्या की नींव पड़ गई थी। जब सनोज पांडेय अपने निजी भूमि सहित विवादित भूमि पर मकान बनाने की रणनीति तैयार कर रहा था। जब इस बात की जानकारी मुरली पांडेय को हुई तो वे सनोज पांडेय से भूमि नापी कराने की बात कहीं गई तो सनोज पांडेय मुरली पांडेय को धमकाते हुए कहा कि आप या आपके घर से कोई भी मेरा काम रोकने आइएगा तो मै मार दूंगा। उसके बाद बीस दिनों तक मामला शांत रहा। गत एक सप्ताह पहले सनोज पांडेय विवादित भूमि पर मकान की नींव निकाला। उसके बाद सनोज पांडेय व मुरली पांडेय के बीच विवाद गहराने लगा व दोनों पक्ष आमने सामने आ गए।

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Guthni - the eldest son of the deceased in the nepali massacre of darauli
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