किताबों के लोकार्पण, कविता और नुक्कड़-नाटक से गुलजार रहा मेला

Patna News - सीआरडी पुस्तक मेले में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित लेखिका भावना शेखर की किताब ‘एक टीचर की डायरी’ का लोकार्पण...

Nov 11, 2019, 09:30 AM IST
सीआरडी पुस्तक मेले में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित लेखिका भावना शेखर की किताब ‘एक टीचर की डायरी’ का लोकार्पण पद्मश्री डॉ. उषा किरण खान ने किया। इस मौके पर कहानीकार अवधेश प्रीत ने कहा कि इस किताब में बहुत ही सरल भाषा में स्कूल के अनुभवों को साझा किया गया है। इसमें लिखिका ने कोई आंकड़ा नहीं दिया है जिससे पाठक बोझिल हो होते। लेखिका भावना शेखर ने कहा कि नॉट्रेडम एकेडमी में 24वर्षों तक अध्यापन करने के दौरान हुए खट्‌टे-मीठे अनुभवों को ही उन्होंने पुस्तक का विषय बनाया है। मंच पर डॉ. उषा किरण खान और अवधेश प्रीत के साथ नॉट्रेडम एकेडमी की प्रिंसिपल सिस्टर मेरी जेसी, डॉ. अरुणोदय और प्रो. एस. पी. शाही उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लेखक पत्रकार डॉ. ध्रुव कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रभात प्रकाशन के स्थानीय प्रबंधक राजेश शर्मा ने किया। कहानीकार शंभू पी. सिंह, कवि दिलीप कुमार, लोकगीत गायिका डॉ. नीतू नवगीत, कवि निलेश रंजन, और मेला के संस्थापक सदस्य एन. के. झा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। मेले में ही केंद्रीय विद्यालय दानापुर के अध्यापक धनेश्वर प्रसाद द्वारा लिखित पुस्तक शराब बंदी एक फाैलादी फैसला का लाेकार्पण राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने किया।

डीपीएस की टीम को क्विज प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार

सीआरडी पटना पुस्तक मेला में रविवार को तुलसी मुक्ताकाश मंच पर 10 वीं से 12 वीं के बच्चों के बीच क्विज का आयोजन किया गया। इसे संस्था आईकैन ने आयोजित किया। क्विज में स्थानीय 6 स्कूलों के 12 बच्चों ने हिस्सा लिया। डीपीएस, नॉट्रेडम एकेडमी, आरपीएस स्कूल, लिटेरा वैली, डॉन बॉस्को और कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्रों के साथ- साथ दर्शकों ने भी उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया। संयोजक अमिताभ पांडेय और विश्वदीप घोष ने क्विज का संचालन किया। आर.जे. अपूर्व ने भी अपने गीत संगीत से दर्शकों का मन मोहा। इसमें प्रथम स्थान डीपीएस की टीम को मिला जिसमें इशित्व वत्स और कृष्णी ने भाग लिया। द्वितीय स्थान नॉट्रेडम एकेडमी को मिला जिसमें देवांशी सिंह और सोनालिका रानी ने हिस्सा लिया। इसी श्रृंखला में तीसरा स्थान लिटेरा वैली स्कूल के अनुभव ओझा और कुमार आयुष को मिला। मेला के अंतिम दिन विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

स्त्री नेतृत्व की देहबाधा विषय पर परिचर्चा

सिटी रिपोर्टर| पुस्तक मेला में तुलसी मुक्ताकाश मंच पर जनसंवाद कार्यक्रम के अंतर्गत स्त्री नेतृत्व की देहबाधा, विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे। विषय प्रवेश करते हुए जेपी ने कहा कि 21 वीं सदी में भी स्त्रियों को उचित स्थान नहीं मिला है। सुधा सिंह ने कहा कि हमारे समाज की संरचना ने ही स्त्री की देह को बाधा बना दिया है, जबकि हमारे यहां देह नहीं आत्मा का महत्व है। कहा कि स्त्री को अनेक प्रतिबंधों और अनुशासन के नाम पर यातनाएं सहनी पड़ती हैं। निवेदिता झा ने कहा कि पिछले दिनों ‘मी टू’ के आंदोलन ने वैसी कई नारियों का दर्द उजागर किया जो वर्षों पहले भी शारीरिक शोषण की शिकार हुई हैं। कहा कि आजकल प्राइवेट कंपनियों में स्त्रियों की बहाली कम होने लगी है। योगिता यादव ने कहा कि देहबाधा दृष्टिगोचर होने में दृष्टिकोण का दोष है।

नाटक में पूंजीवाद पर चोट

सिटी रिपोर्टर| मेला परिसर में नुक्कड़ नाटक ‘ये दौड़ है किसकी’ की प्रस्तुति हुई। अभियान सांस्कृतिक मंच पटना की इस प्रस्तुति का निर्देशन गौतम गुलाल ने किया, लेखन जन नाट्य मंच का था। पूंजीवादी व्यवस्था और निजीकरण पर कटाक्ष करते हुए नाटक ने देश की अर्थव्यवस्था पर भी करारा व्यंग्य किया। आनंद प्रवीण, मो. शहजाद राजा, विवेक मिश्रा, वंदना सिंह, अनीश चौबे, राजन मोदी, रितेश, पारितोष, कुंदन व राजीव ने अभिनय किया।

युवाओं ने पढ़ीं कविताएं

सिटी रिपोर्टर| तुलसी मुक्ताकाश मंच पर युवा कवियों का काव्य-पाठ हुआ। उत्कर्ष ने ‘शहर के लिए ’ कविता सुनाई। कवयित्री सीमा संगसार ने मेरा पहला प्यार , एक शहर का जिंदा होना शीर्षक कविता का पाठ किया। असलम हसन ने मेरी कविताएं, रिक्शावाला, पिता आदि कविताएं सुनाईं। राखी सिंह ने मेरी खराब कविताएं, वर्षागीत, गंगा से मिलकर आदि कविताओं का पाठ किया। अस्मुरारीनंदन मिश्र ने मगही में कविता सुना लोगों का मन जीत लिया।

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