जिसको जपने से मन भर जाए उसी को मंत्र कहते हैं : जीयर स्वामी

Patna News - प्रयागराज कुंभ मेला क्षेत्र के 12 नंबर सेक्टर में श्री त्रिदंडी देव समाधि स्थल चरित्रवन बक्सर की ओर से लगाई गई...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 04:41 AM IST
Patna News - the mantra which is filled with chanting is called jirir swami
प्रयागराज कुंभ मेला क्षेत्र के 12 नंबर सेक्टर में श्री त्रिदंडी देव समाधि स्थल चरित्रवन बक्सर की ओर से लगाई गई शिविर में श्री त्रिदंडी स्वामी के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रवचन के दौरान लोगों को समझाते हुए कहा कि जिसको जपने से मन भर जाए उसी को मंत्र कहते हैं। मंत्र का मतलब होता है कि भटकाव से बचाए, गलत मार्ग से बचाए, गंदे कर्मों से बचाए। जिस व्यक्ति के पास जुआ, शराब, वेश्यावृत्ति की प्रवृत्ति बढ़ जाए उसका विनाश निश्चित है। उसे कोई नहीं बचा सकता। जहां की मिट्टी उसर या बंजर हो वहां पर घर मकान नहीं बनाना चाहिए। अगर मजबूरी बस उतनी ही भूमि हो तो कम से कम 10 फीट नीचे तक की मिट्टी निकाल कर फेंक देना चाहिए और उसमें दूसरे जगह से उपजाऊ मिट्टी डालकर तब घर बनाना चाहिए। नहीं तो वास्तु दोष लगता है। उस पर कभी भी विकास नहीं हो पाता है। ना ही लक्ष्मी का वास होता है। जिस प्रकार आधुनिक युग में लोग बुलेट प्रूफ का इस्तेमाल करते हैं। उसी तरह संतों के लिए नारायण कवच है। नारायण कवच धारण करने के बाद उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उस पर हमेशा लक्ष्मी नारायण की कृपा बनी रहती है। यज्ञोपवीत तथा कन्यादान जीवन में एक ही बार होता है। दुर्भाग्यवश किसी की बच्ची को दोबारा विवाह करना पड़े। तो ऐसे ही कर देना चाहिए कन्या दान नहीं करना चाहिए। मनु महाराज के अनुसार यज्ञोपवित्र का उम्र 8 वर्ष 11 वर्ष 12 वर्ष है। पराशर महाराज जी के अनुसार दुगना हो गया है 16 वर्ष 22 वर्ष 24 वर्ष। इसी में मुहूर्त के अनुसार यज्ञोपवित करनी चाहिए। जो भी व्यक्ति धर्म से हटकर जीना चाहता है उसका विनाश निश्चित है। जो धर्म की मर्यादा का पालन नहीं करेगा उसका विकास कभी भी संभव नहीं है।

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