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बैंकों के नकारात्मक रवैए से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना हो रही विफल

Patna News - उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण ने कहा कि स्टार्ट अप के रास्ते में समस्याएं भी आएंगी, लेकिन इससे...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 04:35 AM IST
Patna News - the prime minister39s employment generation plan failed due to negative attitude of banks
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण ने कहा कि स्टार्ट अप के रास्ते में समस्याएं भी आएंगी, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें आने वाली सारी कठिनाइयों के समाधान के लिए प्रयास करने पर साथ इस पर विचार-विमर्श भी करना चाहिए। वह शनिवार को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) द्वारा आयोजित ‘बिहार स्टार्ट अप कॉन्क्लेव 2019 का उद्‌घाटन करने के बाद अपनी बातें रख रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इससे स्वरोजगार के अवसर सृजित कर बेरोजगारी की समस्या का समाधान किया जा सकता है। लेकिन, बैंकों के नकारात्मक रवैया के कारण यह योजना सफल नहीं हो रही है।

बीआईए के चेयरमैन केपीएस केसरी ने कहा कि एसोसिएशन के कुछ वरिष्ठ सदस्य जो उद्यम के क्षेत्र में अनुभव हासिल किए हैं, उन्हें नए लोगों के बीच पहुंचाने तथा अपना उद्यम लगाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इन्कयूबेशन सेंटर की स्थापना की और स्टार्ट अप की मेंटरिंग व हैंड होल्डिंग कर रहे हैं। राज्य सरकार की स्टार्ट अप नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार चयनित स्टार्ट अप को 10 लाख तक का वित्तीय सहयोग दे रही है, जिसमें 5 लाख रुपया अनुदान के रूप में तथा 5 लाख रुपया ब्याजरहित कर्ज है। इससे पहले तकनीकी सत्र में साइबर मीडिया ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता, इंडियन एंजल नेटवर्क के सह-संस्थापक पद्मजा रूपारेल और क्रेयोन डाटा के को-फाउंडर श्रीकांत शास्त्री ने भी अपना अनुभव स्टार्ट अप के साथ साझा किया। मौके पर बीआईए के रामलाल खेतान, नरेश नंदन, सीआईआई के एसपी सिन्हा, उषा झा आदि उपस्थित थे।

अनुदान व सरकारी मदद से ही नहीं होता बिजनेस

वित्त विभाग एवं आईटी सचिव राहुल सिंह ने कहा कि स्टार्ट अप की सफलता के लिए फाइनेंस की उपलब्धता ही सब कुछ नहीं है। स्टार्ट अप को सफल होने के लिए मेंटरिंग के साथ हैड होल्डिंग की भी आवश्यकता होती है। किसी काम को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है, लेकिन केवल सरकारी सहायता एवं अनुदान के आधार पर बिजनेस को हमेशा आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।

पुरस्कृत किए गए छह स्टार्ट अप

बीआईए के बिजनेस प्लान कंपीटीशन के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता में बेहतर बिजनेस आइडिया के लिए छह स्टार्ट अप पुरस्कृत किए गए। पहला पुरस्कार आईआईटी, खड़गपुर के तीन लड़कों की टीम को मिला। उन्हें एक लाख रुपए का चेक दिया गया। दूसरा स्थान पर रहे सचिन कुमार को 50 हजार रुपए और तीसरा पुरस्कार रिचा वात्सायन को ईको फ्रेंडली सेनेट्री नेपकिन ‘चिंतन’ बनाने के लिए 25 हजार रुपए दिए गए।

स्टार्ट अप की मदद के लिए वेंचर कैपिटलिस्ट के रूप में आगे आएं लोग

अशोका यूनिवर्सिटी के फाउंडर प्रथम राज सिन्हा ने कहा कि बिहार के परीपेक्ष्य में बिजनेस इन्कयूबेशन तथा स्टार्ट अप अपेक्षाकृत नई सोच है। इसलिए बिहार के लोगों को स्टार्ट अप बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए वेंचर कैपिटलिस्ट के रूप में आगे आना होगा। हालांकि, बीआईए राज्य में स्टार्ट अप ईको-सिस्टम को अपने इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। यह अच्छी शुरुआत है। तीन साल के छोटे से कार्यकाल में जो काम किया है, उसके परिणाम भी आने लगे हैं। कार्यक्रम का संचालन बीआईए वेंचर पार्क के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य सचिव संजय गोयनका ने किया।

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