- Hindi News
- Local
- Bihar
- Patna
- Siwan News The Servants And Asha Went To The Houses And Told The People Nutrition Is Necessary To Keep Mother And Child Healthy Also Get Timely Health Checkup
सेविकाओं और आशा ने घरों में जाकर लोगों से कहा, मां और बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए पोषाहार जरूरी, समय पर स्वास्थ्य जांच भी कराएं
जिले में पोषण पखवारा अभियान के तहत सभी प्रखंडों के आंगनबाड़ी सेविकाओं व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा गृह भ्रमण किया गया। इस दौरान बेहतर नवजात एवं शिशु देखभाल पर माता-पिता को जानकारी दी गई। वहीं कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों को सही पोषण कैसे दें, इसके बारे में भी लोगों को बताया गया। साथ ही इस दौरान माध्यमिक स्कूलों में पोषण आधारित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कर स्कूली बच्चों के साथ पोषण पर चर्चा की गई। आईसीडीएस की डीपीओ नीतू सिंह ने बताया कि गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं व आगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाले खतरे, संस्थागत प्रसव व परिवार नियोजन के बारे में जानकारी दी गई। साथ हीं गंदगी व कूड़ा-कचरा को सभी तरह के बीमारी का जड़ बताते हुए लोगों को अपने-अपने आसपास के क्षेत्र को नियमित रूप से साफ-सफाई करने को कहा गया। ताकि उनका बच्चे स्वच्छ वातावरण में रह सके।
साफ-सफाई व डायरिया प्रबंधन
साफ-सफाई एवं स्वच्छ भोजन डायरिया से बचाव करता है। इसको लेकर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गृह भ्रमण के दौरान लोगों में जागरूकता बढाई। परिवारों को बताया कि शिशुओं में डायरिया शिशु मृत्यु का मुख्य कारण है। 6 माह तक के बच्चों के लिए केवल स्तनपान (ऊपर से कुछ भी नहीं) डायरिया से बचाव करता है। डायरिया होने पर लगातार ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिंक देना चाहिए।
पोषण गतिविधियों का होगा मूल्यांकन
डीपीओ नीतू सिंह ने बताया पोषण पखवारा के माध्यम से समाज में व्यापक जागरूकता एवं बेहतर परिणाम के लिए नई पहल भी की की जा रही है। पखवारे के दौरान आयोजित होने वाले गोदभराई , अन्नप्राशन, पोषण मेला एवं पोषण प्रभात फेरी के मूल्यांकन के लिए लाभार्थियों की जरुरी राय एवं फीडबैक ली जा रही, ताकि ऐसे आयोजनों की गुणवत्ता में सुधार कर पोषण व्यवहारों का अभ्यास जन समुदाय द्वारा किया जा सके।
एनीमिया प्रबंधन : केयर इंडिया के डीटीएल संतोष कुमार ने बताया कि ग्रह भ्रमण के दौरान गर्भवती माता, किशोरियां एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम की भी जानकारी दी गई। इसके लिए गर्भवती महिला को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली खाने की सलाह दी गई। वहीं 10 वर्ष से 19 साल की किशोरियों को सप्ताह में सरकार द्वारा दी जाने वाली आयरन की एक नीली गोली के सेवन करने के बारे में बताया गया। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत 6 माह से 59 माह के बच्चों को सप्ताह में 2 बार प्रदान की जाने वाली आयरन सीरप के विषय में भी विस्तार से आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने माता-पिता को जानकारी दी।