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नगर निकायों के गठन का प्रावधान बदलेगी राज्य सरकार

एक वर्ष पहले
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अभी क्या है प्रावधान

राज्य सरकार सूबे में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए नगर निकायों के गठन के प्रावधानों में बदलाव किया जा रहा है। अभी उन्हीं बाजारों, शहरों को निकाय का दर्जा हासिल है जहां की 75% आबादी जीविका के लिए गैर कृषि कार्य पर निर्भर है। अब इसे घटाकर 50% किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट (डीएमआई) की अनुशंसा पर नगर पालिका कानून में बदलाव की रूपरेखा तैयार की है। फिलहाल यह प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा जा रहा है, विधि विभाग की हरी झंडी के बाद कैबिनेट की मंजूरी के लिए इसे भेजा जाएगा।

अाधारभूत संरचना के विकास में मिलेगी मदद

2011 के जनगणना के अनुसार अभी बिहार की कुल आबादी का मात्र 11.3% हिस्सा शहरों में रहता है। नए प्रावधान के के बाद 50 से ज्यादा ग्रामीण इलाके नगर पंचायत के पात्र हो जाएंगे। 15वें वित्त आयोग से स्थानीय निकायों को मिलने वाली राशि भी बढ़ेगी। आधारभूत संरचना विकास को मदद मिलेगी।


15वें वित्त आयोग की अनुशंसा का भी लाभ

15वें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में स्थानीय निकायों को केंद्र से मिलने वाले पैसे में पहले 30% हिस्से को बढ़ाकर अब 32.5% कर दिया है। वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में शहरीकरण को विकास का इंजन बताया गया है। नगर पंचायतों की संख्या बढ़ने से इन्हें विकास मद में पैसे मिलेंगे और मिलने वाली राशि का 50% हिस्सा आधारभूत संरचना विकास और बाकी सफाई व पेयजल प्रबंधन पर व्यय होगा। आयोग ने शहरी निकायों को राशि देने के लिए 90% आबादी और 10% क्षेत्रफल के मानक को नहीं बदला है। इसका भी फायदा राज्य को होगा।


अन्य राज्यों में प्रावधान

आंध्र प्रदेश में नगर निकायों के गठन के लिए गैर कृषि कार्य पर निर्भर आबादी की सीमा 25% है। पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में यह लिमिट 50% है।

यहां गठित होगी नगर पंचायत

पालीगंज, नीमचक बथानी, रजौली, हथुआ, पुपरी, सिकरहना, बिरौल, बेनीपट्‌टी, फुलपरास, बायसी, धमदाहा, पटोरी, उदाकिशुनगंज, तारापुर और मंझौल जैसे डेढ दर्जन से ज्यादा अनुमंडल मुख्यालय शामिल हैं। इसके अलावा कई ऐसे प्रखंड मुख्यालय जहां की आबादी 12 हजार से ज्यादा है, और 50% या उससे कम लोगों की आजीविका साधन ही कृषि है।

नगर पंचायत : 12 हजार से 40 हजार की आबादी वाले ऐसे इलाके जहां 75%आबादी की निर्भरता खेती पर नहीं है।

नगर परिषद : 40 हजार से दो लाख की आबादी अनिवार्य है।

नगर निगम : दो लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर

बिहार में 143 नगर निकाय, 3377 शहरी वार्ड : बिहार में कुल 143 नगर निकाय हैं। इनमें 12 नगर निगम, 49 नगर परिषद और 82 नगर पंचायत हैं। वहीं कुल वार्डों की 3377 है।
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