निर्देश / तालाब-पोखर के किनारे बसे लोगों को रहने के लिए दी जाएगी जमीन, जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा में सीएम का आदेश

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
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अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

  • सीएम नीतीश कुमार ने कहा- अगर जमीन उपलब्ध हो तो वासविहीन लोगों को जमीन उपलब्ध कराएं

  • बोले- जहां जमीन नहीं है वहां पर वास स्थल क्रय योजना के तहत जमीन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी

दैनिक भास्कर

Feb 15, 2020, 06:19 AM IST

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तालाब-पोखर पर बसे भूमिहीन/वासविहीन लोगों की पहचान कर उनके रहने को जमीन की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। कहा कि अगर जमीन उपलब्ध हो तो वासविहीन लोगों को जमीन उपलब्ध कराएं। लेकिन, जहां जमीन नहीं है वहां पर वास स्थल क्रय योजना के तहत उन्हें जमीन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी। 

तालाबों की खुदाई के लिए अभियान चलेगा

मुख्यमंत्री शुक्रवार को 1, अणे मार्ग में जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा कर रहे थे। कहा कि सार्वजनिक तालाबों के जीर्णोद्धार के अलावा निजी तौर पर तालाबों की खुदाई और उसके आसपास हरियाली क्षेत्र विकसित करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इससे फूल, फल और मछली का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। चौर क्षेत्र में निजी तौर पर तालाबों की खुदाई के लिए अभियान चलेगा। किसानों को भ्रमण दर्शन की योजना के तहत चौर क्षेत्र विकास के लिए तैयार मॉडल को दिखाया जाए। इससे किसान समेकित क्षेत्र विकास व बॉयो-फ्लॉक पद्धति से मत्स्य पालन का लाभ जानेंगे।

सभी सरकारी स्कूलों और दफ्तरों में महीने में एक दिन एक घंटे पर्यावरण बचाने पर होगा टॉक शो:

बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता लाने के लिए आदेश दिया कि राज्य में सरकारी स्कूलों के छात्र से लेकर सरकारी सेवक तक माह में किसी एक दिन एक घंटे पर्यावरण से संबंधित विषयों पर आपस में चर्चा करेंगे। कार्यों की प्रगति के लिए जागरुकता अभियान पर भी विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिए सभी सरकारी स्कूलों, कार्यालयों, संगठनों और अन्य संस्थाओं में भी पर्यावरण संबंधित संवाद कराए जाएंगे जिससे ज्यादा लोग जागरूक हो सकें। सीएम ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में तालाब खुदाई के लिए जगहों का निरीक्षण करने की जरूरत है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं का तेजी से जीर्णोद्धार कराने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे गया था, उन क्षेत्रों का भी चापाकल ठीक रखें ताकि पेयजल की उपलब्धता लगातार बनी रहे। इसके लिए एक बेहतर सिस्टम डेवलप करना होगा। गंगाजल उद्वह योजना को पूर्ण करने के लिए जमीन अधिग्रहण को प्राथमिकता में रखना पड़ेगा। साथ ही अतिक्रमणमुक्त कुंओं-पोखर की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। सघन वृक्षारोपण कार्य के लिए पौधों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।

निजी भवनों पर भी वर्षा जल का संचय:
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी भवनों की छत पर वर्षा जल संचयन संरचना बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाएगा। सरकारी भवनों पर यह काम हो रहा है। इसी के साथ सरकारी कार्यालयों में भी बिजली की बेवजह खपत को रोकने के लिए भी काम किया जाएगा। साथ ही घरों में भी बिजली की बचत के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

अभी विभागवार ये काम किए जा रहे:

  • जल संसाधन सचिव ने बताया कि नदियों में गाद की सफाई और पर काम हो रहा है।
  • ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि फ्लोटिंग सोलर प्लांट पर काम हो रहा है।
  • कृषि विभाग के सचिव ने टपकन सिंचाई योजना, जैविक कॉरिडोर की जानकारी दी। 
  • पीएचईडी के सचिव ने कहा कि चापाकल की पहचान कर जीपीएस मैपिंग कर दी गई है।

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