इस ज्वाइंट फैमिली के प्रेम की डोर है फुटबॉल

Patna News - हेडिंग पढ़कर आश्चर्य कर रहे होंगे, लेकिन यही सच है। पटना की फैमिली को जोड़ कर रखा है फुटबॉल ने। एक नहीं, पीढ़ियों से।...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 04:45 AM IST
Patna News - this joint family39s love is a door football
हेडिंग पढ़कर आश्चर्य कर रहे होंगे, लेकिन यही सच है। पटना की फैमिली को जोड़ कर रखा है फुटबॉल ने। एक नहीं, पीढ़ियों से। फुटबॉल ने परिवार के लोगों को जोड़ रखा है। बताना मुश्किल है कि प्रेम के कारण फुटबॉलर फैमिली है या फुटबॉल के कारण यह प्रेम।

नई पीढ़ी में सहर्ष कुमार उर्फ सत्यम, सृजन कुमार और सहज कुमार फुटबॉल प्रेम को आगे बढ़ा रहे हैं। सहर्ष कुमार श्रवण दयाल के बेटे हैं। वह पटना फुटबॉल एकेडमी की ओर से खेलते हैं। समीर दयाल के बेटे सृजन कुमार और सहज कुमार भी पटना फुटबॉल एकेडमी से खेलते हैं। फैमिली का सबसे छोटा सदस्य सम्यक है। एक गेम से इतने प्रेम के कारण इस परिवार ने अब तक बिहार को कई नामी फुटबॉलर दिए हैं। सबसे बुजुर्ग प्रभु दयाल के बाद सम्यक के पिता संजय दयाल, चाचा श्रवण दयाल, समीर दयाल, सुमन दयाल...ये सभी फुटबॉल की बदौलत ही अपनी बेहतर जिंदगी जी रहे हैं।

परिवार में फुटबॉल की शुरुआत प्रभु दयाल उर्फ मल्लू जी ने की थी। उन्हें इसी प्रेम की बदौलत पटना समाहरणालय में नौकरी मिली थी। इस ज्वाइंट फैमिली में हर समय सबसे ज्यादा फुटबॉल की ही चर्चा रहती है। कभी किसी बात पर जिरह भी होती है तो फुटबॉल के किक से माहौल खुशनुमा हो जाता है। श्रवण दयाल के चाचा राजेन्द्र प्रसाद, विनोद प्रसाद सिंह, मामा ब्रह्मदेव सिंह, उनके परिवार से जुड़े शिव प्रसाद, श्रवण दयाल के दादा जगन्नाथ प्रसाद, बैजनाथ प्रसाद भी बढ़िया फुटबॉलर रहे थे।

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