मुठभेड़ / देशभर में सोना लूटने वाले गिरोह के 3 अपराधी ढेर, 3 गिरफ्तार, दो एके 47 जब्त

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 07:43 AM IST


Three gangs of gold robber were killed, 3 arrested
Three gangs of gold robber were killed, 3 arrested
X
Three gangs of gold robber were killed, 3 arrested
Three gangs of gold robber were killed, 3 arrested
  • comment

  • झोपड़ी बनाकर रह रहे थे कुख्यात, दोनों ओर से आधा घंटा तक 500 राउंड फायरिंग
  • बिहार ही नहीं, पश्चिम बंगाल, एमपी, राजस्थान व कर्नाटक में लूटा था सोना

हाजीपुर/महनार/पटना . महनार थाना क्षेत्र के बहलोलपुर के पलवैया दियारा क्षेत्र में आधे घंटे तक चले एनकाउंटर में पुलिस और एसटीएफ ने तीन कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। वहीं तीन अपराधियों को जिंदा पकड़ा गया है। मौके से 2 एके 47, 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, दर्जनों गोलियां सहित 77 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।

 

दोनों तरफ से 500 राउंड से ज्यादा फायरिंग की गई है। मरने वाले अपराधियो में नगर थाना क्षेत्र के हथसारगंज निवासी मनीष सिंह, मुजफ्फरपुर के राजकुमार उर्फ अब्दुल इमाम व समस्तीपुर के मथुरापुर निवासी तिवारी जी उर्फ अब्दुल अमन शामिल है। जिंदा पकड़े गए अपराधियों में जुड़ावनपुर के विनोद सिंह, पटना के सलीमपुर के मुकेश कुशवाहा व महनार के बच्चु साह है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने वर्ष 2014 में देश के कई बड़े शहरों में एक के बाद एक सोना लूट की घटना को अंजाम दिया था।

 

इसमें बेंगलुरु, कोलकाता व राजस्थान में हुई सोना लूट शामिल थी। इसके बाद गुप्त अड्डे के रूप में इन्होंने बहलोलपुर के बरुआ गांव को चुना गया था। बरूआ गांव की भगौलिक स्थिति यह है कि यहां दूर-दूर तक लोग नहीं होते हैं। सिर्फ खेत है या जंगल। जगंल के बीचोबीच इनकी झोपड़ी किसी को दिखाई भी नहीं देती थी। 

 

शुक्रवार शाम में ही पुलिस ने की घेराबंदी, शनिवार सुबह शुरू हुई फायरिंग 

 

मनीष सिंह था गैंग लीडर : मनीष सिंह गैंग लीडर था। वह पिछले 15 सालों से हाजीपुर के हथसारगंज में रहता था। मारा गया अब्दुल इमाम गैंग में दूसरे नंबर पर था। बीते वर्ष करनी सेना के जिलाध्यक्ष व मार्बल व्यवसायी सुशील सिंह हत्याकांड में भी उसका हाथ था। वहीं अब्दुल अमन गैंग में एक शूटर के तौड़ पर था। जो बाद में हिस्सेदार बनकर लूट कांड में शामिल हुआ था।

 

मृतकों के शरीर पर मिले 30 लाख के सोने के आभूषण : पुलिस सूत्रों के मुताबिक मारे गए अपराधियों के शरीर पर लगभग 30 लाख रुपए के गहने थे। एसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि पुलिस काफी दिनों से इस गैंग के पीछे लगी थी। पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ की जा रही है। इस गैंग के देश भर में तार जुड़े हुए है। इसमें और भी गिरफ्तारी व बरामदगी हो सकती है।

 

पुलिस ने रुकने को कहा तो दागीं गोलियां : पुलिस की खुफिया इकाई को जानकारी मिली थी कि एक दर्जन के करीब कुख्यात अपराधी इस स्थान पर जमा हुए हैं। शुक्रवार शाम एसटीएफ की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी। लगभग 500 मीटर के दायरे में पुलिस ने चारों तरफ से अपराधियों को घेर लिया। रात भर घेराबंदी के बाद शनिवार सुबह से पुलिस किसी हलचल की फिराक में थी। सुबह सवा सात बजे के करीब 2 अपराधी बाहर निकले तो पुलिस ने माइक के जरिए कुछ दूरी से रुकने को बोला। लेकिन, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

 

पहले से फायरिंग की आशंका से पुलिस भी पहले से अटैक के पोजिशन में थी। दोनों तरफ से आधे घंटे तक करीब 500 राउंड फायरिंग चलती रही। तीन अपराधियों के ढेर हो जाने के बाद फायरिंग तो रुक गई। लेकिन पुलिस ने एहतियातन पूरे इलाके को सील कर छापेमारी शुरू की। इस दौरान झोपड़ी नुमा घर से 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अपराधियों की झोपड़ी में सुख-सुविधा की तमाम चीजंे मौजूद थीं। जेनरेटर से लेकर मिनरल वाटर तक। नदी के किनारे इनकी अपनी नाव और गांव में करीबी के यहां लग्जरी गाड़ी सहित अन्य सुविधाएं भी मौजूद थीं।

 

मुजफ्फरपुर सोना लूट कांड में भी आया था मनीष का नाम : राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक सरगना मनीष सिंह के जुर्म की लंबी फेहरिस्त है। 6 फरवरी को मुजफ्फरपुर के भगवानपुर चौक स्थित मुथूट फाइनेंस कंपनी के ऑफिस से 33 किलो सोना (स्वर्णाभूषण) लूट के मामले में भी मनीष का नाम पुलिस के सामने सामने आया था। यह बिहार की सबसे बड़ी डकैती थी। बाद में पुलिस ने वैशाली, समस्तीपुर आैर बेगूसराय में छापेमारी कर लूटे गए अधिकतर सोना को बरामद करने के साथ कई अपराधियों को गिरफ्तार भी किया था।

 

हालांकि सरगना मनीष सिंह उस समय बच निकला था। एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन के मुताबिक कुछ समय पहले जयपुर के मानसरोवर में हुए सोना लूट के मामले में भी मनीष की तलाश थी। इसके अलावा कोटा से लेकर बंगाल तक उसने सोना लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है।
 

COMMENT
Astrology
Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन