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पटना: जिले के 20 बालक-बालिका गृह केंद्रों की तीन सदस्यीय टीम कर रही जांच

जिला प्रशासन ने बनाई तीन सदस्यीय टीम, डीएम ने जारी किया आदेश

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 01:37 AM IST
three member team investigating patna shelter home

पटना. मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से पटना जिला प्रशासन ने सबक लिया है। जिला बाल संरक्षण इकाई के अधीन सरकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित बालक-बालिका गृह केंद्रों की जांच शुरू की गई है। जांच के लिए जिला प्रशासन के स्तर से तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इस टीम में कार्यपालक दंडाधिकारी, बीडीओ और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को शामिल किया गया है। इस संबंध में डीएम कुमार रवि ने आदेश जारी कर कहा है कि विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों की मॉनिटरिंग की जानी है, ताकि उनमें घटित होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके और संस्थाओं का नियमानुसार संचालन किया जा सके। बालक-बालिका गृहों की जांच 14 बिंदुओं पर की जा रही है। टीम द्वारा केंद्रों की सफाई व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उपस्थिति, बच्चों के उपस्थिति रजिस्टर, मास्टर रजिस्टर, बच्चों के क्रियाकलापों की समय सारणी, चिकित्सीय जांच की स्थिति, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सांस्कृतिक क्रियाकलाप, इंट्री रजिस्टर, कितने बच्चे रहते हैं आदि की जानकारी ली जा रही है।

सफाई व्यवस्था नहीं है ठीक: केंद्रों की हुई जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकतर केंद्रों के कमरों की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई है। कई केंद्रों में इंट्री रजिस्टर तो है, लेकिन उस पर इंट्री नहीं की जाती है। ऐसे भी केंद्र हैं जहां रजिस्टर ही नहीं है।

इन केंद्रों की होगी जांच: जिले के कुल 20 केंद्रों की जांच के लिए सूची तैयार की गई है। इनमें सरकारी और एनजीओ दोनों शामिल हैं। ऑब्जरवेशन होम, चिल्ड्रंस होम-ब्वॉयज, स्पेशल होम, चिल्ड्रंस होम-ब्वॉयज, बालगृह, अपना घर, चिल्ड्रंस होम-ब्वॉयज, निकेत बालगृह चिल्ड्रंस होम-ब्वॉयज, सफीना चिल्ड्रंस होम-ब्वॉयज, निशांत बालिकागृह चिल्ड्रंस होम-गर्ल्स, उत्तर रक्षा गृह चिल्ड्रंस होम-गर्ल्स, आशा किरण चिल्ड्रंस होम-गर्ल्स, चिल्ड्रंस होम-ब्वॉय, पटना राइट्स कलेक्टिव, ओपन शेल्टर गर्ल्स, कोसी जन कल्याण समिति, ओपन शेल्टर गर्ल्स, रैनबो फाउंडेशन इंडिया ओपन शेल्टर ब्वॉयज, डोर्ड ओपन शेल्टर ब्वॉयज, ईस्ट एंड वेस्ट एजुकेशनल सोसाइटी ओपन शेल्टर ब्वॉयज, प्रयास भारती, आश्रम फाउंडेशन, सृजन नारी गुंजन, कर्पूरी ठाकुर ग्रामीण विकास संगठन, आसरा, अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फाउंडेशन, आसरा, जेएम इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हेयरिंग, आसरा, नाजेरथ हॉस्पिटल सोसाइटी, मोकामा।

लड़कियों को भगाने के आरोप में गया जेल: राजीवनगर थाने के पीछे चंद्र विहार कालोनी में स्थित आसरा अल्पावास गृह से लड़कियों को भगाने के आरोप में पड़ोसी 55 साल के नगीना सिंह उर्फ बनारसी को पुलिस ने जेल भेज दिया। बनारसी की छत पर अल्पावास गृह की दूसरी मंजिल की खिड़की खुलती है। जिन लड़कियों को बनारसी पर भगाने के आरोप है उन्होंने बयान में कुछ गलत होने की बात नहीं कही है। आसरा होम एनजीओ अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन का है। पिछले चार माह से यह चंद्र विहार कालोनी में है। थानेदार रोहन कुमार ने बताया कि किन-किन लोगों का वहां आना-जाना है, इसकी जांच की जा रही है।

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