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सिक्का लूटकांड में पकड़े गए अपराधियों की नहीं कराई थी टीआई परेड

एक वर्ष पहले
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पिछले साल जुलाई में नौबतपुर थाना इलाके में हुए सिक्का लूटकांड की जांच में पुलिस ने घोर लापरवाही बरती है। इसका लाभ अपराधियों को मिल रहा है। मामले में अबतक सरगना समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। लेकिन पुलिस ने इन अपराधियों की टीआई परेड नहीं करवाई। आईपीसी की डकैती की धारा के तहत दर्ज इस मामले में भी पुलिस ने लापरवाही की। टीआई परेड नहीं होने के कारण अबतक दो आरोपियों लक्ष्मी कुमार और पिंटू कुमार को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। कोर्ट में यह बात आई कि लक्ष्मी सरगना सुधीर का साला है इसी कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके पास से डकैती से संबंधित कोई चीज बरामद नहीं हुई। दो अाराेपियाें की जमानत याचिका अभी लंबित है।

इस मामले में बेउर थाने के तत्कालीन थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी होते ही मामला हाई प्रोफाइल हो गया था। घटना के कुछ दिन तक पुलिस ने सिक्के की बरामदगी के लिए छापेमारी की लेकिन चार्जशीट जमा हो जाने के बाद से कोशिश नहीं हो रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान ही लगभग डेढ़ लाख का सिक्का पुलिस ने बरामद किया। बाकी के सिक्के बरामद नहीं कर सकी।

लूटे गए थे 19 लाख के 13 बोरे सिक्के

15 जुलाई की रात नौबतपुर थाना इलाके में हथियारबंद अपराधियों ने 13 बोराें में रखे लगभग 19 लाख का सिक्का लूट लिया था। एक कार में पैसे रख अपराधी बेउर होते हुए फरार हो रहे थे। सिपारा के पास पुलिस ने सभी को रोक दिया। इसके बाद लुटेरों से डेढ़ लाख रुपए लेकर सभी को थाने में ही पीआर बांड भरवाया गया और छोड़ दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब नौबतपुर थाने की पुलिस ने पिंटू और बिट्टू को गिरफ्तार किया। दोनों ने ही पूछताछ में बताया था कि उससे पैसे लेकर बेउर थाने की पुलिस ने छोड़ दिया था। इसके बाद बेउर थाने के तत्कालीन थानेदार प्रवेश भारती सहित छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था।

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