बेमौसम बारिश से रबी फसलों को भारी क्षति, किसानों के बीच मचा हाहाकार
बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़कर रख दिया। शुक्रवार से रुक रुककर क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से रबी फसलों की भारी क्षति पहुंची है। क्षेत्र में हजारों एकड़ में लगी रबी की फसलें बेमौसम बारिश की कहर से बर्बाद हो गई है। इसको लेकर किसानों के बीच हाहाकार मचा हुआ है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश की वजह से किसानों को पहले ही आर्थिक रूप से भारी क्षति झेलनी पड़ी थी। मार्च की दूसरी बारिश ने बची-खुची फसलों को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। पिछली रात से हो रही लगातार बारिश ने गेहूं, मसूर, चना, राई, सरसों आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में लगे गेहूं की फसल गिर गई हैं। चना, मसूर आदि फसलों में लगे फूल झड़ गए हैं। वहीं बारिश से आम की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। पेड़ों पर लगे आम के मंजर झड़ गए हैं। किसानों ने सरकार से बर्बाद हुई फसलों की मुआवजे देने की मांग की है।
बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी
फतुहा में प्रखंड का दाल का कटोरा कहा जाने वाला इलाका रुकुनपुर, उसफा, बाली, सोतीचक, परसा में जहां मसूर व चना की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है, वहीं मसाढी, जैतिया, कोलहर में गेहूं की फसल खेत में औंधे मुंह गिर चुकी है। प्याज के पौधे पानी में डुबकर बर्बाद हो गए हंै। आत्मा के प्रखंड अध्यक्ष विनय सिंह ने बताया कि किसानों की कमर बिल्कुल टूट चुकी है। वहीं मसाढी पंचायत के पूर्व मुखिया अरविंद सिंह ने सरकार से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि प्रखंड के सभी क्षेत्रों मे फसलों की हो रही बर्बादी की जांच होगी।
बिहटा में रुक-रुककर हुई बारिश और उस पर तेज हवा ने खेतों में लगी प्रकार की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रगतिशील किसान व नेता डॉ आनंद कुमार ने कहा कि किसानों को इस बारिश से 99 फीसदी का नुकसान है। सरकार काे वैसे नुकसान वाले इलाकों की समीक्षा कर उनकी भरपाई करनी चाहिए। बख्तियारपुर में लगातार हुए बेमौसम बरसात से प्रखंड क्षेत्र में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं किसानों के फसलों की भारी क्षति पहुंची है। बारिश के कारण टाल में लगी दलहनी फसलाें काे नुकसान हुअा है। मसूर, मटर, खेसारी आदि की फसलेंं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उधर कई जगहों पर जलजमाव और रास्तों पर कीचड़ के कारण आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाढ़ अनुमंडल में बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी चरमरा गयी है। बाढ़ स्टेशन बाजार नरक में तब्दील हो गया है। स्टेशन बाजार के मुख्य गेट पर जलजमाव होने के कारण लोगों को भारी परेशानी से रूबरू होना पड़ रहा है।
गेहूं, मसूर, चना, राई, सरसों आदि फसलों को भारी नुकसान, फसलों में लगे फूल झड़े
गेंहू की बर्बाद फसल के बीच खड़ा एक मायूस किसान।