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बेमौसम बारिश ने गेहूं व सरसों को किया तबाह, आलू पर भी आफत

एक वर्ष पहले
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आंदर प्रखंड क्षेत्र गुरुवार की देर रात व शुक्रवार को शाम को आंधी के साथ तेज बारिश हुई। इससे रबी फसलों को फिर नुकसान पहुंचा है। गेहूं, सरसों व आलू को काफी क्षति पहुंची है। वही आम के पेड़ पर लगा मोजर को भी नुकसान हुआ है।प्रखण्ड के पंचायत आंदर, जमालपुर, भवराजपुर, पतार, असाव, खेढ़ाय, जयजोर, मनिया, मानपुर पतेजी, अर्कपुर, सहसरांव समेत अन्य पंचायतो में किसानों का काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की अधिकतर फसलों में दाना निकल गया है। क्या है स्थिति आंधी पानी से कई जगह फसल खेत में गिर गये है। सरसों भी कटनी के लायक नहीं बचा है। आलू भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। रबी मौसम में जिस तरह किसानों ने तैयारी की थी उससे लगता था कि हर साल की भांति इस वर्ष पैदावार अच्छा होगा लेकिन ऐन वक्त में आंधी-पानी ने किसानों का कमर ही तोड़ दिया है।आंधी के साथ बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ।गेहूं, मक्का, तेलहन ,आम को नुकसान पहुंचा है। किसान हताश हैं। अधिकांश गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है।

जिला प्रशासन जल्द नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दे: क्षेत्र के किसानों में शामिल विजय दूबे, गुड्डू पटेल, सत्यनारायण पाल, विद्या चौहान, हीरा यादव के साथ कई किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिला प्रशासन जल्द नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दे। प्राकृतिक आपदा से किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान हो रहा है। बारिश ने क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बरसात के कारण सैकडों एकड़ में लगी गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है।जदयू नेता सुशील गुप्ता ,रामबहादुर सिंह भगत ,संजय बैठा ,रविन्द्र ठाकुर ने बताया कि बरसात से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है।उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा दिलाने की बात कही गई।

दरौंदा| प्रखंड में शुक्रवार और शनिवार को हुए बारिश से चौपट हुई फसल को देख किसान निराश हैं। अब तक बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। खेत पर चना, अरहर, मटर व सरसों की फसलें 70 से 80 फीसद तक तबाह हो गई हैं। कई इलाकों में गेहूं की फसल भी गिर गई है। इससे किसानों में गम और गुस्सा दोनों है। बीती रात तेज हवाओं के साथ आयी बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहीं आंधी और ओलावृष्टि से बालियों से लदी गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गयी। पूरी तरह से तैयार फसल की इस तरह से बर्बादी देख किसान भी माथा पकड़ बैठ गए। रात को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से केवल गेंहू की ही फसल को नुकसान नहीं हुआ है, इससे तिलहनी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। वैसे गन्ने की फसल को छोड़ आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से सभी फसलों को नुकसान हुआ है। गेंहू की फसल एक दम कटान के मुहाने पर थी, लेकिन हवा, बारिश व ओले की मार से अधिकांश क्षेत्रों में फसल जमीन से ही चिपक गई। ऐसे में किसानों को करोड़ों का नुकसान पहुंचे की आशंका जताई जा रही है। खेत पर पहुंचे किसान गेंहू की दुर्गति देख सिर पकड़ कर बैठ गए हैं।

जमीन पर पसरी गेहूं की फसल।


70 से 80 फीसदी तक चना, अरहर, मटर व सरसों की फसल को पहुंचा है नुकसान
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